सिरोंचा व भामरागड़ तहसील में बाढ़ का खतरा, नागरिकों को सुरक्षित स्थल पर स्थानांतरित करें: कलेक्टर
Gadchiroli District: गड़चिरोली जिले की सिरोंचा और भामरागड़ तहसीलों में बाढ़ की स्थिति निर्माण होने की संभावना है. इसके मद्देनजर जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने गुरुवार को जायजा बैठक ली।
- Written By: आंचल लोखंडे
सिरोंचा व भामरागड़ तहसील में बाढ़ का खतरा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Gadchiroli News: तेलंगाना में हुई अतिवृष्टि के कारण बड़े पैमाने पर पानी का विसर्ग शुरू है। इसका परिणाम जिले की सिरोंचा और भामरागड़ तहसीलों में बाढ़ की स्थिति निर्माण होने की संभावना है। इसके मद्देनजर जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने गुरुवार को जायजा बैठक लेकर राजस्व, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए है। नागरिकों का स्थलांतर तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर उन्होंने जोर दिया।
बैठक में जिलाधिकारी पंडा ने कहा कि, तेलंगाना से करीब 8 से 10 लाख क्यूसेक पानी रात 10 से 11 बजे के दौरान सिरोंचा तहसील में पहुंचने की संभावना है। जिससे सिरोंचा तथा भामरागड़ तहसील के नदी तट पर होने वाले गांवों को बड़ा खतरा निर्माण हो सकता है। जिससे सिरोंचा तहसील के नदी तट पर रहने वाले लोगों को सतर्क करें तथा उन्हें सुरक्षित जगह स्थानांतरित करने के निर्देश जिलाधिकारी पंडा ने तहसीलदार को दिए है। इस बैठक में निवासी उपजिलाधिकारी सुनील सूर्यवंशी, उपजिलाधिकारी प्रसेनजीत प्रधान, आपदा प्रबंधन अधिकारी नीलेश तेलतुंबडे, दूर दृश्यप्रणाली द्वारा जिला शल्य चिकित्सक डा। माधुरी किलनाके, सिरोंचा व भामरागड़ तहसील के तहसीलदार व तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
SDRF दस्ते तैयार-स्कूल, महाविद्यालय को अवकाश
सिरोंचा व भामरागड़ तहसील में बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर आपात्कालीन परिस्थिति का सामना करने एसडीआरएफ दस्ते दोनों तहसीलों में तत्काल तैनात रखने के आदेश जिलाधिकारी ने दिए है। नदी पार कर स्कूल-महाविद्यालय में जाने वाले विद्यार्थियों के सुरक्षा के लिए सतर्कता की चेतावनी देने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार अवकाश घोषित करने का निर्णय लेने का अधिकार संबंधित अधिकारी को दिया गया है। रात्रि के समय पानी का विसर्ग होनेवाला है।
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जिससे नागरिकों में भय नहीं फैले इसके लिए पुलिस प्रशासन ने सतर्क रहकर उचित कार्रवाई करे, ऐसे निर्देश दिए गए है। बाढ़ की स्थिति के बाद संक्रमणजन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक ब्लिचिंग पावडर तथा दवाइयां उपलब्ध रखे।
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बाढ़ का प्रभाव कम, आवागमन सुचारू
पर्लकोटा नदी में बाढ़ के चलते मंगलवार की रात को भामरागड़ का संपर्क टूट गया था। वहीं बुधवार को बाढ़ का पानी भामरागड़ शहर में पहुंच गया था। बुधवार को समुचे दिनभर यहां के नागरिकों को व्यापक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में जैसे इंद्रावती का जलस्तर कम होने लगा वैसे ही पर्लकोटा भी शांत होती नजर आयी। बुधवार को देर रात के दौरान पर्लकोटा नदी के पुलिया से पानी आया। लेकिन कुछ समय बाद फिर से पुलिया के ऊपर पानी चढ़ गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसील प्रशासन ने भामरागड़ की यातायात बंद कर कर दी। इंद्रावती, पामुलगौतम नदियों का दबाव कम हुआ तथा पानी पुलिया के नीचे आने के बाद गुरूवार को फिर से आवागमन शुरू हुआ है।
