Chamorshi Bus Stand:गड़चिरोली जिले के चामोर्शी (सोर्सः सोशल मीडिया)
Gadchiroli News: गड़चिरोली जिले की सबसे बड़ी तहसील के रूप में पहचाने जाने वाले चामोर्शी तहसील मुख्यालय में पिछले सात वर्षों से बस स्थानक का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन अत्यंत धीमी गति के कारण यह अब तक पूरा नहीं हो सका है। इससे चामोर्शी शहर सहित तहसील मुख्यालय आने वाले यात्रियों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के पदाधिकारियों ने सवाल उठाया है कि क्या इस वर्ष बस स्थानक का निर्माण कार्य पूर्ण हो पाएगा?
चामोर्शी तहसील क्षेत्रफल की दृष्टि से काफी बड़ी होने के साथ-साथ जिले की एक प्रमुख व्यापार मंडी भी है। तहसील मुख्यालय में प्रतिदिन विभिन्न गांवों से सैकड़ों छात्र और नागरिक आवागमन करते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए लगभग सात वर्ष पहले यशोधरा कन्या विद्यालय के समीप बस स्थानक का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। उस समय यह दावा किया गया था कि कुछ ही वर्षों में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, लेकिन सात वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्य अधूरा ही है।
इस मामले में न तो जनप्रतिनिधि गंभीरता दिखा रहे हैं और न ही प्रशासन। संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण ठेकेदार मनमाने ढंग से कार्य कर रहा है, जिसका खामियाजा स्कूली छात्रों और यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के जिलाध्यक्ष रमेश अधिकारी, जिला उपाध्यक्ष नानू उपाध्ये, किशोर कुंडू, तहसील अध्यक्ष कालीदास बनसोड, तहसील सचिव दिनेश मुजुमदार, संतोष बुरांडे सहित पदाधिकारियों ने प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर कब तक यात्रियों को इस परेशानी से जूझना पड़ेगा।
चामोर्शी तहसील मुख्यालय में कई स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और बैंक स्थित हैं। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन हजारों छात्र और नागरिक यहां आते हैं। बस स्थानक अधूरा होने के कारण शहर के मुख्य मार्ग पर सुबह से शाम तक यात्रियों की भारी भीड़ लगी रहती है। मुख्य सड़क पर वाहनों की लगातार आवाजाही से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिससे स्कूली छात्रों और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है।
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चामोर्शी शहर में गड़चिरोली मार्ग पर एक यात्री प्रतीक्षालय है, लेकिन वहां स्वच्छतागृह और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्वच्छतागृह के अभाव में विशेष रूप से महिला यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रतीक्षालय छोटा होने के कारण यात्रियों को कड़ी धूप और बारिश में बाहर खड़े रहकर बसों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। गर्मी और बरसात के मौसम में कई यात्रियों को होटल या दुकानों में शरण लेनी पड़ती है। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से तत्काल बस स्थानक का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की है।