Chandrapur News: धूल खा रहा 8 लाख का जलशुद्धिकरण केंद्र, शुद्ध पेयजल बना ग्रामीणों के लिए सपना
Clean Drinking Water Issue: चंद्रपुर जिले के नागभीड़ नगर परिषद अंतर्गत तिवर्ला गांव में 8 लाख रुपये का जलशुद्धिकरण केंद्र पांच वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को आज भी शुद्ध पेयजल के लिए संघर्ष
- Written By: आंचल लोखंडे
Clean Drinking Water Issue:चंद्रपुर जिला (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagbhid municipal council: नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना स्थानीय निकायों का मूल कर्तव्य है, लेकिन नागभीड़ नगर परिषद अंतर्गत तिवर्ला गांव में यह जिम्मेदारी पूरी तरह उपेक्षित नजर आ रही है। यहां लगभग 8 लाख रुपये की लागत से बना जलशुद्धिकरण केंद्र पिछले पांच वर्षों से बंद पड़ा है और धूल खा रहा है। इसके कारण ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
नागभीड़ नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले तिवर्ला गांव में करीब 150 घरों की आबादी निवास करती है। यह गांव वार्ड क्रमांक 10 में शामिल है। चंद्रपुर जिला परिषद के जलापूर्ति विभाग द्वारा ठक्कर बाप्पा आदिवासी बस्ती सुधार योजना के तहत वर्ष 2021-22 में इस जलशुद्धिकरण केंद्र का निर्माण किया गया था। इस परियोजना पर लगभग 8 लाख रुपये खर्च किए गए। कार्य पूर्ण होने के बाद यह प्लांट नागभीड़ नगर परिषद को हस्तांतरित कर दिया गया था। इस जलशुद्धिकरण केंद्र का उद्देश्य ग्रामीणों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। आज यह प्लांट गांव के लिए “सफेद हाथी” साबित हो रहा है।
मीटर निकाल ले गई एमएसईबी
जलशुद्धिकरण केंद्र के निर्माण के बाद प्रारंभिक अवधि में यहां बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन लंबे समय तक उपयोग न होने और बकाया भुगतान के चलते महावितरण (एमएसईबी) ने बिजली मीटर हटा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के बिना जलापूर्ति संभव नहीं है, जिससे यह केंद्र अब केवल एक निष्क्रिय ढांचा बनकर रह गया है।
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नगर परिषद कर्मचारियों को नहीं समझी तकनीक
तिवर्ला के पुलिस पाटिल गुरुदेव नन्नावरे ने कहा कि ग्रामीणों के अनुसार, जलशुद्धिकरण प्लांट पूरा होने के बाद नगर परिषद के कर्मचारी निरीक्षण के लिए आए थे और पानी चालू करने की प्रक्रिया भी समझी थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक केंद्र शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों ने मांग की है कि नगर परिषद तत्काल इस जलशुद्धिकरण केंद्र को शुरू कर तिवर्ला गांव को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए।
