Gadchiroli: स्कूल परिसर में तंबाकू विक्रेताओं पर करें कार्रवाई, तहसीलदार निलेश होनमारे ने दिए आदेश

Gadchiroli News: गड़चिरोली जिले के सिरोंचा तहसील में स्कूलों के पास तंबाखू और खर्रा जैसे अन्य पदार्थ विक्रेताओं पर अब एक्शन लिया जाएगा। तहसीलदार निलेश होनमारे ने कार्रवाई के आदेश दिए है।
Gadchiroli News: गड़चिरोली जिले के सिरोंचा तहसील में स्कूलों के पास तंबाखू और खर्रा जैसे अन्य पदार्थ विक्रेताओं पर अब एक्शन लिया जाएगा। तहसीलदार निलेश होनमारे ने कार्रवाई के आदेश दिए है।
तहसीलदार होनमारे ने दिया निर्देश (सौजन्य-नवभारत)
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Gadchiroli News: सिरोंचा तहसील में कक्षा 5वीं से 12 के छात्रों में खर्रा, तंबाकू का उपयोग नियंत्रित करने के लिए सभी उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल, कनिष्ठ महाविद्यालय परिसर के 100 मीटर परिसर के तंबाकू पदार्थ बिक्री के केंद्रों पर कार्रवाई करें, ऐसा निर्देश मुक्तिपथ तहसील समिति के अध्यक्ष तथा तहसीलदार निलेश होनमोरे ने दिया।

सिरोंचा तहसील कार्यालय में शराब व तंबाकू मुक्त समिति की बैठक तहसीलदार निलेश होनमोरे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस समय नायब तहसीलदार तोटावार, तहसील स्वास्थ्य अधिकारी कन्नाके, सीडिपियो कोल्हे, बनसोड, समुप्देष्क जक्कावार, प्रियंका सडमेक, पुलिस उपनिरीक्षक लावण्या जक्कन आदि उपस्थित थे।

हर तीन महीने में पेश करनी होगी रिपोर्ट

इस समय तंबाकु मुक्त स्कूल के निकष का सभी स्कूल पालन करें, इसलिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पत्र शिक्षाधिकारी के माध्यम से सभी स्कूलों को देने, वहीं उक्त रिपोर्ट शिक्षाधिकारी द्वारा सीईओ को प्रत्येक तीन माह में पेश करने, बीडीओ सभी ग्राम पंचायतों को पत्र भिजवाकर ग्राम सेवकों को ग्राम पंचायत समिति स्तर पर प्रयास कर बैठक लेकर शराबबंदी के लिए गांव में कृति करें, ऐसी सूचना तहसीलदार ने दी।

वहीं शहर व विभिन्न वार्डों में शुरू शराब बिक्री के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करें, सरकारी व गैर सरकारी कार्यालय व स्कूल में शराब और तंबाकू मुक्ति के लिए पथक द्वारा आकस्मिक जांच करने, कोटपा कानून अनुसार खर्रा, तंबाकू आदि पदार्थों का सेवन कार्यालयीन समय पर करने वालों से जुर्माना वसूलने की कार्रवाई करने, प्रत्येक 15 दिनों में पथक जांच करने आदि समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

कच्ची सड़कों से आवागमन करना मुश्किल

कोरची तहसील के अनेक गांवों में पहुंचने के लिए अब तक पक्की सड़कें नहीं बनी है। जिसका नतीजा लोगों को आज भी जंगल के रास्ते आवागमन करना पड़ रहा है। ऐसे में अनेक मार्ग कीचड़मय होने के कारण लोग पूरी तरह त्रस्त हो गये है। जिससे तहसील के दुर्गम और अतिदुर्गम क्षेत्र में बसे गांवों तक पक्की सड़कों का निर्माण करने की मांग तहसील के नागरिकों ने की है।

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