CM फडणवीस के सामने 11 नक्सलियों ने किया सरेंडर, साल के पहले दिन गड़चिरोली जिले को मिली ये सौंगात

गड़चिरोली में पुलिस पर हमले में शामिल एक महिला समेत 11 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। सीएम ने कहा कि जिले के दूरदराज के इलाकों में नक्सलियों का प्रभाव समाप्त हो रहा है।
CM फडणवीस के सामने 11 नक्सलियों ने किया सरेंडर, साल के पहले दिन गड़चिरोली जिले को मिली ये सौंगात
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहुंचे गड़चिरोली (सोर्स: एक्स@CMOMaharashtra)
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गढ़चरोली: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को गढ़चिरोली के दौरे पर हैं। इस दौरान पुलिस पर हमले में शामिल एक महिला समेत 11 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। सीएम फडणवीस ने बुधवार को कहा कि राज्य नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में बढ़ रहा है क्योंकि नक्सली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर रहे हैं और प्रतिबंधित संगठन नए लोग शामिल नहीं हो रहे हैं।

गढ़चरोली के अपने दौरे के दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जिले के दूरदराज के इलाकों में नक्सलियों का प्रभाव समाप्त हो रहा है और उन्होंने शीर्ष नक्सली काडर द्वारा हथियार डालने एवं आत्मसमर्पण करने के कदम का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि "नक्सलवाद अब समाप्ति के करीब है।" उन्होंने कहा कि सरकार ने माओवादियों के प्रभाव को खत्म करके गढ़चरोली को पहला जिला बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि गढ़चरोली को अक्सर महाराष्ट्र का अंतिम जिला कहा जाता है क्योंकि यह राज्य की पूर्वी सीमा पर स्थित है।

बस सेवा का किया शुभारंभ

सीएम फडणवीस ने विदर्भ क्षेत्र में स्थित गड़चिरोली जिले में 32 किलोमीटर लंबे गट्टा-गरदेवाडा-वांगेतुरी मार्ग और वांगेतुरी-गरदेवाडा-गट्टा-अहेरी मार्ग पर महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की बस सेवा का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़चरोली सरकार के लिए प्राथमिकता सूची में अंतिम नहीं, बल्कि पहला जिला है।

आज जिस सड़क संपर्क का उद्घाटन किया गया है, वह महाराष्ट्र को सीधे छत्तीसगढ़ से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, क्षेत्र नक्सलियों के प्रभाव से मुक्त हो रहा है और लोगों को आजादी के 75 साल बाद एमएसआरटीसी बस सेवाएं मिल रही हैं।

फडणवीस ने नक्सलवाद के खिलाफ गढ़चरोली पुलिस के काम की सराहना की और कहा कि लोग अब नक्सलियों का समर्थन नहीं करते और ना ही कोई व्यक्ति प्रतिबंधित नक्सली संगठन में शामिल ही होना चाहता। उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है।

जवानों से की बताचीत

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नए साल का पहला दिन नक्सलवादियों के साथ लड़ते हुए अपनी जान की परवाह ने करने वाले गड़चिरोली पोलिस, सीआरपीएफ, एसआरपीएफ और सी-60 के जवानों से बातचीत की। साथ ही मुख्यमंत्री फडणवीस ने पेंगुंडा में पुलिस टेंट व्यवस्था का निरीक्षण और समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने मौजूद जवानों से बातचीत भी की।

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