
Dhule municipal politics (सोर्सः सोशल मीडिया)
Dhule Municipal Politics: महानगरपालिका में सत्ता का समीकरण स्पष्ट होने के बाद अब विपक्ष नेता पद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सबसे ज्यादा 10 सीटें जीतकर सेकंड लार्जेस्ट पार्टी बनी AIMIM का रास्ता रोकने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (8) और शिवसेना (5) ने अप्रत्याशित राजनीतिक दांव खेला है।
दोनों दलों ने मिलकर ‘शहर विकास आघाड़ी’ का गठन किया है और नाशिक स्थित विभागीय आयुक्त कार्यालय में 13 पार्षदों के संयुक्त गुट की आधिकारिक पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस नए राजनीतिक समीकरण से AIMIM खेमा असहज हो गया है और पार्टी ने कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
शहर विकास आघाड़ी ने न केवल गुट पंजीकरण कराया, बल्कि पदाधिकारियों की घोषणा भी कर दी है। पूर्व विधायक फारूक शाह के पुत्र एवं युवा पार्षद शाहबाज शाह को गुटनेता नियुक्त किया गया है, जबकि शिवसेना की पार्षद मंगला सोनवणे को प्रतोद बनाया गया है।
राजनीतिक गलियारों में शिवसेना और राष्ट्रवादी के बीच आंतरिक समझौते की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष नेता पद पहले 2 वर्षों के लिए शिवसेना और अगले 3 वर्षों के लिए राष्ट्रवादी को मिलने की संभावना है।
शिवसेना की ओर से पराजित उम्मीदवार रवी मामा (पार्वती जोगी) का नाम स्वीकृत पार्षद के रूप में आगे बताया जा रहा है। भाजपा को सदन में कड़ा जवाब देने के लिए इसे रणनीतिक ‘चेक-मैट’ योजना माना जा रहा है।
शहर विकास आघाड़ी (शिवसेना + राष्ट्रवादी): 13 पार्षद हम सबसे बड़ा विपक्षी गुट हैं, इसलिए विपक्ष नेता पद हमारा अधिकार है।
AIMIM: 10 पार्षद हम सेकंड लार्जेस्ट पार्टी हैं, पद नहीं मिला तो कोर्ट जाएंगे।
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AIMIM नेता इर्शाद जहागिरदार ने कहा कि“नियम स्पष्ट हैं। सेकंड लार्जेस्ट पार्टी होने के नाते विपक्ष नेता पद AIMIM को मिलना चाहिए। अगर लोकतंत्र का गला घोंटा गया, तो हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।”
पूर्व विधायक फारूक शाह ने कहा कि “हमने 13 पार्षदों की वैध गुट पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की है। इसलिए विपक्ष नेता पद पर हमारा स्वाभाविक दावा है। जल्द ही अंतिम नाम घोषित किए जाएंगे।”
धुले मनपा में भाजपा के पास 50 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत है, लेकिन विपक्ष नेता पद को लेकर शुरू हुआ यह संघर्ष आने वाले नगर राजनीति की दिशा तय करेगा। अब देखना होगा कि तकनीकी आधार पर AIMIM बाजी मारती है या संख्या बल के दम पर सेना-राष्ट्रवादी आघाड़ी।






