जलगांव में चुनाव आचार संहिता के कारण विकास कार्यों पर लगा ब्रेक, लटकी एक हजार करोड़ रुपए की योजनाएं

जलगांव नगर निगम ने आचार संहिता लगने से पहले विकास कार्यों की बड़े पैमाने पर निविदाएं निकाली थीं। इनको तुरंत मंजूरी देकर कार्य आदेश जारी किए जाने थे, लेकिन अब चुनाव पूरे होने तक ये विकास योजनाएं लटक गई हैं।
जलगांव में चुनाव आचार संहिता के कारण विकास कार्यों पर लगा ब्रेक
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
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जलगांव : राज्य में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण शहर के लगभग एक हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। निविदा निकलने के बावजूद कार्य आदेश जारी नहीं किए गए जिसके कारण अब ये काम चुनाव के बाद ही हो पाएंगे। जलगांव शहर में विकास कार्यों का एक बड़ा बैकलॉग था। यहां कई जगहों पर सड़कें नहीं बनी हुई हैं तो कई जगहों पर नालों के काम होने का इंतजार था।

यहां अमृत 2.0 योजना को भी सरकार की मंजूरी मिल गई थी, जिससे विकास कार्यों का काम जल्द होने का इंतजार था। इसके लिए सरकारी स्तर पर कुछ कार्यों के लिए धनराशि भी मंजूर की गई थी और उन्हें जल्द पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे थे।

तुरंत निकाली गईं निविदाएं

राज्य सरकार ने राज्य में चुनाव आचार संहिता की पृष्ठभूमि में बड़े पैमाने पर अध्यादेश जारी किए थे। उसी तरह, जलगांव नगर निगम ने आचार संहिता लगने से पहले विकास कार्यों की बड़े पैमाने पर निविदाएं निकाली थीं। इनको तुरंत मंजूरी देकर कार्य आदेश जारी किए जाने थे।

विकास कार्यों पर लगा ब्रेक

नगर निगम द्वारा नगर के विकास के लिए सड़कें, नाले, दलित बस्ती और स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत शहर की सफाई के लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपये की निविदाएं प्रकाशित की गई थीं। लेकिन अब इन सभी निविदाओं के संबंध में निर्णय स्थगित हो गए हैं। अब राज्य में नई सरकार बनने के बाद ही इन पर निर्णय लिया जाएगा।

ये हैं पेंडिंग कार्यों की लिस्ट

शहर के लिए प्रस्तावित एक हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों के तहत सड़कें, नाले, डिपीडीसी से संबंधिक 47 कार्य प्रस्तावित हैं। इसके अलावा अण्णाभाऊ साठे दलित बस्ती के 21कार्य, नगर विकास के 12 कार्य़, जिनके लिए 18.22 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। इसी प्रकार सफाई से संबंधित कार्यों के लिए 78.25 करोड़ की राशि और अमृत 2.0 जल आपूर्ति, मलिनकरण और ठोस कचरा प्रबंधन के लिए कुल राशि 850 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित है।

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