उद्धव ठाकरे और संजय राउत पर 2,000 रुपये का जुर्माना, मानहानि मामले में कोर्ट ने ठोका फाइन

मुंबई की एक विशेष अदालत ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और राज्यसभा सांसद संजय राउत पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों नेताओं के खिलाफ जुर्माना तब लगाया गया जब, मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण आवेदन दायर करने में देरी के लिए माफी देने संबंधी दोनों की याचिकाओं को स्वीकार कर लिया।
Court imposed fine of Rs 2000 on Uddhav Thackeray and Sanjay Raut
संजय राउत और उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो: पीटीआई)
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मुंबई. मुंबई की एक विशेष अदालत ने शिवसेना के पूर्व सांसद राहुल शेवाले द्वारा दायर मानहानि के मामले शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और राज्यसभा सांसद संजय राउत पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। नेताओं को जुर्माने का भुगतान अगले 10 दिन के भीतर  राहुल शेवाले को करना होगा।

दोनों नेताओं के खिलाफ जुर्माना तब लगाया गया जब, मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण आवेदन दायर करने में देरी के लिए माफी देने संबंधी दोनों की याचिकाओं को स्वीकार कर लिया। सांसदों/विधायकों के खिलाफ मामलों के विशेष न्यायाधीश आर.एन. रोकड़े ने गुरुवार कहा कि यह सर्वविदित है कि देरी से आवेदन दायर करने को लेकर माफी पर निर्णय करते समय "अदालत का दृष्टिकोण उदार होना चाहिए।"

आदेश का विवरण शुक्रवार को उपलब्ध कराया गया। इसमें कहा गया है कि यह ध्यान देने योग्य बात है कि यदि पुनरीक्षण याचिका दाखिल करने में हुई देरी को माफ नहीं किया जाता है, तो पुनरीक्षण याचिका दाखिल करने का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े शेवाले ने शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र 'सामना' के मराठी और हिंदी संस्करणों में उनके खिलाफ 'अपमानजनक लेख' प्रकाशित करने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि के लिए दंड) के तहत दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

क्या है मामला

दरअसल, सामना में 29 दिसंबर 2022 को हिंदी और मराठी दोनों संस्करणों में छपे एक लेख में दावा किया गया था कि शेवाले के पास दुबई और कराची में रियल एस्टेट निवेश है। जिसके बाद शेवाले की वकील, चित्रा सालुंखे ने 3 जनवरी, 2023 को सामना को एक नोटिस भेजा और इन आरोपों की उत्पत्ति के बारे में स्पष्टीकरण मांगा।

जवाब में 'सामना' संपादकीय टीम ने तर्क दिया कि उनका लेख ऑनलाइन मिली जानकारी से प्रेरित था, जिसमें एक महिला कथित तौर पर इन मामलों पर चर्चा कर रही थी। इसके बाद सालुंखे ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई और साथ ही बॉम्बे हाई कोर्ट में 100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा भी दायर किया।

इस मामले में राउत और ठाकरे ने खुद को निर्दोष बताते हुए मजिस्ट्रेट अदालत में आरोपमुक्त करने की अर्जी दायर की थी, जिसे पिछले साल अक्टूबर में खारिज कर दिया गया था। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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