बदलापुर एनकाउंटर: CM शिंदे का विपक्ष को करारा जवाब, बोले- पहले की फांसी की मांग अब उठा रहे सवाल

बदलापुर एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने आरोपी अक्षय शिंदे को आत्मरक्षा में गोली मारी। सीएम शिंद ने कहा कि ‘‘अक्षय शिंदे की पूर्व पत्नी ने उस पर यौन हिंसा का आरोप लगाया था और पुलिस उसे इन आरोपों के सिलसिले में जांच के लिए ले जा रही थी।
बदलापुर एनकाउंटर: CM शिंदे का विपक्ष को करारा जवाब, बोले- पहले की फांसी की मांग अब उठा रहे सवाल
देवेंद्र फडणवीस व एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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मुंबई: बदलापुर रेप केस के आरोपी का एनकाउंटर सोमवार को एनकाउंटर हो गया। बदलापुर के एक स्कूल में सफाईकर्मी के रूप में काम करने वाले अक्षय शिंदे को सोमवार को एक अन्य मामले की जांच के सिलसिले में जब तलोजा जेल से बदलापुर ले जाया जा रहा था तभी उसने पुलिसकर्मियों में से एक की रिवॉल्वर छीन ली और गोली चला दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। घटना के बाद, उसे कालवा स्थित एक अस्पताल ले जाया गया, जहां चोटों के चलते उसने दम तोड़ दिया। इस एनकाउंटर पर विपक्ष ने राज्य सरकार पर कई आरोप लगाए हैं।

इस मामले में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने आरोपी अक्षय शिंदे को आत्मरक्षा में गोली मारी। सीएम शिंद ने कहा कि ‘‘अक्षय शिंदे की पूर्व पत्नी ने उस पर यौन हिंसा का आरोप लगाया था और पुलिस उसे इन आरोपों के सिलसिले में जांच के लिए ले जा रही थी। उसने एक पुलिसकर्मी की बंदूक छीन ली और गोली चला दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।''

विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि ‘‘पहले विपक्षी दलों ने मांग की थी कि अक्षय शिंदे को फांसी दी जाए। अब वे उसका पक्ष ले रहे हैं और महाराष्ट्र पुलिस की ईमानदारी पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी नेताओं का ऐसा कृत्य निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।''

लाडली बहन योजना की सफलता से डरे

विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि आरोपी को राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने के लिए मारा गया। इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दल उनकी सरकार की मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना (लाडली बहन योजना) की सफलता से घबरा गए हैं। इसलिए ये पार्टियां इस तरह के असंवेदनशील आरोप लगा रही हैं।

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे अक्षय शिंदे की मौत हो गई। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस उसे उसकी पूर्व पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए बदलापुर ले जा रही थी।

आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत थे

हालिया लोकसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ने वाले वकील उज्ज्वल निकम ने कहा कि ‘‘आरोपी अक्षय शिंदे के खिलाफ दो आरोपपत्र दाखिल किए गए थे और मैं दोनों मामलों में सरकारी वकील था। प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, शिंदे के खिलाफ पर्याप्त सबूत थे। शायद इसी वजह से शिंदे ने अपनी जान लेने की कोशिश की। हम इस संभावना से इनकार नहीं कर सकते। न्यायिक जांच से इस मामले में सच्चाई सामने आएगी।''

वकील उज्ज्वल निकम ने कहा कि ‘‘दोनों बच्चियों ने पहले ही अक्षय शिंदे की पहचान कर ली थी और महाराष्ट्र पुलिस ने उसके खिलाफ अन्य सबूत भी जुटा लिए थे।'' निकम ने कहा कि अभी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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