भाजपा-शिंदे गठबंधन से बदलेगा सत्ता समीकरण, आरक्षण ड्रा तय करेगा संभाजीनगर का महापौर

Mayor Reservation: छत्रपति संभाजीनगर में महापौर पद का फैसला 22 जनवरी को आरक्षण ड्रा से तय होगा। भाजपा-शिंदे गठबंधन सत्ता के करीब, AIMIM विपक्ष की भूमिका में।
The BJP-Shinde alliance will change the power dynamics; the reservation draw will determine the mayor of Sambhaji Nagar
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर शहर की राजनीति की धुरी बनी महापौर पद की कुर्सी किसके खाते में जाएगी, इसका फैसला अब कल गुरुवार, 22 जनवरी को होने वाली आरक्षण ड्रा पर टिका है। सत्ता, प्रतिष्ठा और आने वाले वर्षों की राजनीतिक दिशा तय करने वाली यह प्रक्रिया मुंबई में सुबह 11 बजे संपन्न होगी।

एक चिट्ठी और पूरा सत्ता समीकरण। यही कारण है कि नगरसेवकों से लेकर पार्टी रणनीतिकारों तक की निगाहें इसी पर जमी हैं। बता दे कि भाजपा पहली बार छत्रपति संभाजीनगर महानगर पालिका में सत्ता के करीब पहुंच गई है।

भाजपा को सत्ता पाने एक सीट की जरूरत है। वैसे, भाजपा ने शिंदे सेना को साथ लेना का मन बना लिया है। अगर, महापौर चुनाव में भाजपा व शिंदे एक साथ आते है तो उनकी संख्या 70 पर पहुंच जाएगी।

ऐसे में आगामी 5 साल इन दोनों को मिलकर सत्ता चलाना आसान होगा। इधर, एमआईएम के 33 सीट आने से यह दल भी विरोधी पक्ष नेता पद पर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगा। ऐसे में भाजपा आलाकमान खुद शिंदे सेना के साथ गठबंधन कर मनपा में सत्ता पाना चाहता है।

57 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी

महानगरपालिका चुनाव में 57 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और महापौर पद पर उस पार्टी का दावा सबसे मजबूत है। लेकिन यह दावा आरक्षण की चिट्ठी पर निर्भर है। भाजपा और सहयोगी शिंदे शिवसेना को सामान्य या ओबीसी आरक्षण की उम्मीद है। वहीं अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षण निकलने की आशंका उनके गणित को बिगाड़ सकती है।

मनपा में पार्टियों के सदस्यों की संख्या

राजनीतिक दल सदस्यों की संख्या
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 57
एमआईएम 33
शिवसेना (शिंदे गुट) 13
शिवसेना (ठाकरे गुट) 6
वंचित बहुजन आघाड़ी 4
कांग्रेस 1
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 1

किस आरक्षण पर किसकी नजर ?

  • भाजपा शिंदे गुट सामान्य / ओबीसी की उम्मीद
  • एसटी आरक्षण भाजपा के लिए खतरे की घंटी
  • एमआईएम अनुकूल आरक्षण की प्रतीक्षा

33 नगरसेवकों संग MIM दूसरी ताकत

यह चिता उनके खेमे में साफ दिख रही है। दूसरी और 33 नगरसेवकों के साथ एमआईएम दूसरी सबसे बड़ी ताकत है। आरक्षण अनुकूल रहा तो सत्ता संघर्ष और तीखा हो सकता है। 13 सीटों वाली शिंदे शिवसेना खुद को किंगमेकर की भूमिका में देख रही है।

ठाकरे शिवसेना (6), वंचित (4) और कांग्रेस व एनसीपी शरद पवार (प्रत्येकी 1)- संख्याबल भले सीमित हो, पर सही आरक्षण और समीकरण बने तो सौदेबाजी तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

नगर विकास विभाग के कार्यक्रम के अनुसार, नगर विकास राज्यमंत्री की अध्यक्षता में मुबई में महापौर पद के लिए आरक्षण ड्रा कल गुरुवार को होगा। महापौर पद का ड्रा निकलते ही सत्ता गठन की दिशा, युति-आघाड़ी के समीकरण और पर्दे के पीछे की हलचल स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल सभी दावेदार देव पानी में हैं- क्योंकि चिट्टी जिस और गिरी, कुर्सी उसी की।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com