समीर भुजबल के निर्दलीय चुनाव लड़ने पर छगन भुजबल का तंज, कहा- सभी भतीजों का DNA एक जैसा, अजित पवार का दिया उदाहरण

महायुति में नांदगाव सीट शिवसेना शिंदे गुट के पास होने के बावजूद, भुजबल के भतीजे समीर भुजबल द्वारा निर्दलीय उम्मीदवारी दाखिल करने को सुहास कांदे के लिए चुनौती माना जा रहा है।
समीर भुजबल के निर्दलीय चुनाव लड़ने पर छगन भुजबल का तंज
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
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नासिक : मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व सांसद समीर भुजबल द्वारा पार्टी से इस्तीफा देकर नासिक के नांदगाव से निर्दलीय उम्मीदवारी के लिए आवेदन करने पर मंत्री छगन भुजबल ने तीखा तंज कसा है। भतीजे के इस कदम पर खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि राजनीति में सभी भतीजों का डीएनए एक जैसा ही लगता है। उन्होंने शरद पवार, गोपीनाथ मुंडे और बालासाहेब ठाकरे के भतीजों की मिसाल देते हुए यह तंज कसा जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

भुजबल ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष अजित पवार को भी नहीं छोड़ा और इस संदर्भ में उनका उल्लेख भी किया, जिससे कई लोग हैरान रह गए। यह घटनाक्रम नांदगाव विधानसभा सीट को लेकर महायुति में हुए विवाद के कारण सामने आया। पार्टी छोड़ने से पहले समीर भुजबल ने कहा था कि वह नांदगांव से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन गठबंधन के हितों को नुकसान न हो, इसके लिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

समीर सुहास कांदे के लिए बनेंगे चुनौती

महायुति में यह सीट शिवसेना शिंदे गुट के पास होने के बावजूद, भुजबल के भतीजे समीर भुजबल द्वारा निर्दलीय उम्मीदवारी दाखिल करने को कांदे के लिए चुनौती माना जा रहा है। हालांकि, नांदगांव को भयमुक्त बनाने के लिए चुनाव लड़ने का दावा करते हुए समीर ने निर्दलीय के तौर पर नामांकन भरा है। बता दें कि शिवसेना ने इस सीट पर मौजूदा विधायक सुहास कांडे को उम्मीदवार बनाया है।

सुहास कांदे ने भुजबल परिवार पर लगाई आरोप

उनके इस कदम से कांदे बनाम भुजबल विवाद का नया अध्याय देखने को मिल रहा है। इसे लेकर सुहास कांदे ने भुजबल परिवार पर आरोप लगाए, जिस पर छगन भुजबल ने भी प्रतिक्रिया दी। भुजबल ने समीर भुजबल की उम्मीदवारी का अप्रत्यक्ष समर्थन करते हुए कहा, भुजबल परिवार कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, इसलिए उन्हें सोचना पड़ रहा है। वे मुझसे पूछते रहेंगे, यहां जाना चाहिए या वहां? वे अब बड़े हो गए हैं, उन्हें अपने निर्णय लेने देना चाहिए और उन्हें भी राजनीति की समझ आ गई है।''

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