महावितरण के नए नियमों के खिलाफ आक्रोश, वर्धा डिस्ट्रिक्ट सोलर एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी

Wardha Solar Association: वर्धा सोलर एसोसिएशन ने महावितरण की नई नियमावली को अन्यायपूर्ण बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। नए नियमों से सोलर ग्राहकों पर जुर्माना और क्षमता की पाबंदी थोपी जा रही है।
Anger against Mahavitaran's new rules, Wardha District Solar Association warns of agitation
महावितरण के नए नियमों के खिलाफ आक्रोश, वर्धा डिस्ट्रिक्ट सोलर एसोसिएशन (सौजन्य-नवभारत)
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Maharashtra Electricity Board News: महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समय समय पर नए नियम लागू किए जा रहे है। जिसकी वजह से सौर बिजली का उपयोग करने वाले ग्राहकों पर अन्याय होने का आरोप वर्धा डिस्ट्रिक्ट सोलर एसोसिएशन ने लगाते हुए आक्रमक भूमिका ली है। ग्राहकों पर हो रहा अन्याय दूर करें, अन्यथा तीव्र आंदोलन किया जाएगा, ऐसी चेतावनी दी गई है। महावितरण द्वारा 13 फरवरी 2026 से नई नियमावली लागू की है, जो ग्राहकों के दृष्टीकोण से अन्यायकारक है।

इस नियमावली में सोलर सिस्टम कितनी कैपिसीटी के लगाने के संदर्भ में निर्णय महावितरण द्वारा लिया जाएगा। इसके पूर्व योजना के अंतर्गत ग्राहकों को स्वयं की मांग के अनुसार सोलर सिस्टम लगाने की छूट थी। लेकिन महावितरण के नए नियमों से मूलभुत अधिकार पर घाव किया गया है। अतिरिक्त तैयार किए बिजली पर इसके पूर्व जुर्माना नहीं लगता था।

लेकिन अब अतिरिक्त तैयार की बिजली पर जुर्माना लगाकर जबरदस्ती बिजली बिल वसूल किया जा रहा है। राष्ट्रीय सौर योजना यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांशी योजना है। फिर भी केंद्र व राज्य सरकार की नीति में विरोध दिखाई दे रहा है। ग्राहकों द्वारा सौर उर्जा के माध्यम से अतिरिक्त तैयार होनेवाली बिजली पर महावितरण की ओर से जबरदस्ती जुर्माना वसूल न करें, सोलर कनेक्शन को मंजूरी देने नए नियमानुसार 12 महीने के युनिट विचाराधीर रहेंगे, जो अन्यायकारक है। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित पंचभाई, उपाध्यक्ष सुनिल गुंडे, मनोज लिडबे व अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

अधिकार का हनन

नए मकान का निर्माण करने वाले ग्राहकों का नियमानुसार नुकसान है, व्यावसायिक ग्राहकों को जादा बिजली तैयार करने का लाभ नहीं मिलेगा, केंद्र सरकार के नियमानुसार मंजूर भार इतना ही सोलर संयंत्र लगाने का अधिकार का हनन किया है। अधिकांश ग्राहकों ने कर्ज लेकर सोलर संयंत्र लगाएं है। ऐसे में जिरो बिल के बजाए नए नियमों के कारण बिजली बिल भरना पड़ रहा है। बिजली बिल नहीं भरने पर बिजली खंडित करने की धमकी दी जा रही है, ऐसा आरोप बैठक में वर्धा डिस्ट्रीक्ट सोलर एसोसिएशन द्वारा लगाया गया है।

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