जून से बल्लारपुर में शुरू होगा एसएनडीटी विवि केंद्र, सांस्कृतिक कार्यमंत्री सुधीर मुनगंटीवार के प्रयासों को सफलता

Sudhir Mungantiwar
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चंद्रपुर. श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विश्वविद्यालय (एसएनडीटी) ने शैक्षिक और आर्थिक रूप से महिलाओं को सशक्त बनाने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है. करीब सौ वर्ष से अधिक समय से चल रहे एसएनडीटी विश्वविद्यालय का केंद्र अगले जून से चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर में शुरू किया जाएगा. सांस्कृतिक कार्यमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने इस पर लगातार पत्राचार जारी रखा था. 

एस.एन.डी.टी. महीला विश्वविद्यालय का केंद्र चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर में शुरू करने संदर्भ में सांस्कृतिक कार्य मंत्री सुधीर मुनगंटीवार और उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल की अध्यक्षता मंगलवार को पाटिल के आवास पर एक बैठक हुई. बैठक में चंद्रपुर जिलाधिश विनय गौड़ा, एसएनडीटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रा. उज्ज्वला चक्रदेव, निदेशक उच्च एवं तकनीकी शिक्षा धनराज माने सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे. 

मुनगंटीवार ने कहा कि एसएनडीटी विश्वविद्यालय का अब तक 7 राज्यों में विस्तार हो चुका है. विभिन्न शैक्षणिक, रोजगारोन्मुखी और कौशल आधारित पाठ्यक्रम अभी भी मांग में हैं. इसलिए चंद्रपुर और उसके आसपास के छात्रों के लिए आवश्यक लगभग 10 पाठ्यक्रम इस विश्वविद्यालय से पढ़ाए जाएंगे.  एसएनडीटी विश्वविद्यालय के बल्लारपुर में केंद्र शुरू करने के लिए आवश्यक स्थल, उपकरण और केंद्र शुरू होने के बाद आवश्यक जनशक्ति, प्रशिक्षित प्रोफेसरों की समीक्षा सीधे की जाएगी. 

जून से शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही शुरूआती चरण में चंद्रपुर में मौजूद अत्याधुनिक दो स्कूलों में कोर्स शुरू कर दिए जाएंगे. देश स्वाधिनता के अमृत महोत्सव व एसएनडीटी विश्वविद्यालय ने पूर्ण की शताब्दी को एकत्रित कर कुछ नए उपक्रम विश्वविद्यालय के माध्यम से शुरू करने पर भर दिया जायेगा ऐसी जानकारी मुनगंटीवार ने दी. 

रोजगारोन्मुखी और कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने को प्राथमिकता देंगे:  चंद्रकांत पाटिल  

आगामी शैक्षिक वर्ष से यहा रोजगारोन्मुखी और कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने को प्राथमिकता दी जाएगी ऐसी जानकारी उच्च व तकनिकी मंत्री चंद्रकांत पाटील ने दी. चंद्रपुर के बल्लारपुर में एसएनडीटी केंद्र शुरू करने के लिए आवश्यक निधि के संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव बनाया जाना चाहिए. तथा फिलहाल पहले चरण में आवश्यक निधि, सामाजिक उत्तरदायित्व निधि, डीपीडीसी के अतिरिक्त किस प्रकार से जुटाई जा सकती है, इस संबंध में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को यथाशीघ्र विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए.

आवश्यक पदों की पूर्ति होने तक संविदा के आधार पर नियुक्ति कर कार्य प्रारंभ किया जाए. भर्ती में स्थानीय निवासियों को वरीयता दी जाए. एसएनडीटी विश्वविद्यालय ने महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और दूरदराज के क्षेत्रों में यह केंद्र महिलाओं को आर्थिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण होगा ऐसा विश्वास पाटील ने व्यक्त किया. 

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में चौथा महाविद्यालय 

एसएनडीटी का संपूर्ण नाम श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महीला विश्वविद्यालय है. इसका मुख्यालय दक्षिण मुंबई में है. महाराष्ट्र में इस विश्वविद्यालय के 3 कैंपस है. जिनमें चर्चगेट, सांताक्रुज, पुणे का समावेश है. अब महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में इस विश्वविद्यालय का केंद्र अर्थात महाविद्यालय शुरू किया जा रहा है.

इस विश्वविद्यालय के महाराष्ट्र, आसाम, उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, गोवा, गुजरात ऐसे 7 राज्यों में महाविद्यालय है. महर्षी धोंडो केशव कर्वे ने इस संस्था की स्थापना की थी. उन्होने जपान की महीला युनिवर्सिटी से प्रेरित होकर इसकी स्थापना 1915 में की थी. 1920 में इसका नामकरण एसएनडीटी किया गया. विठ्ठलदास ठाकरसी ने उस समय अपनी मां की स्मृती में 15 लाख रूपए की देणगी दी थी.   

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