
श्री सीमेंट कंपनी का काम बंद करने को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण (सोर्स: सोशल मीडिया)
Shree Cement Company NOC Cancelled: चंद्रपुर जिले के येन्सा गट ग्राम पंचायत ने कोंढाला गांव में श्री सीमेंट कंपनी को 50 वर्ष के लिए उद्योग निर्माण करने संबंधी जो अनापत्त्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) दी थी। उसे ग्रामपंचायत ने 27 जनवरी को विशेष ग्रामसभा मे रद्द कर दिया है। इसके बावजूद कंपनी द्वारा काम किए जाने पर भड़के ग्रामीणों ने कंपनी का काम रोकने का प्रयास कर रोष जताया।
27 जनवरी से श्री सिमेंट कंपनी का कोंढाला गाव से कंपनी की आवाजाही पर रोक लगाने का निवेदन 19 जनवरी को पुलिस विभाग को दिया था और 27 जनवरी को हुई ग्रामसभा में श्री सिमेंट कंपनी की एनओसी रद्द करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया था। इसके बावजूद काम होता देख 31 जनवरी की दोपहर उपसरपंच सुरेखा लभाणे के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कंपनी की निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार का काम बंद करने का प्रयास किया।
इस समय कंपनी के संबंधित अधिकारियों ने कहा कि कंपनी को दी हुई ग्रामपंचायत से एनओसी रद्द होने की जानकारी उन्हें नहीं दी गई हमे जब कार्यालयीन आदेश आयेगा तब काम चालू रखना या नहीं यह हमारी कंपनी तय करेगी। तब उपसरपंच तथा सभी आंदोलक महिला,पुरुषों,युवाओ ने सोमवार तक कंपनी को वक्त दिया। उपसरपंच ने कंपनी को बताया कि जब तक ग्राम पंचायत कंपनी को नये से उद्योग करने की एनओसी नहीं देती तब तक कंपनी यहा कोई भी काम न करे अन्यथा हम ग्रामीण बडी संख्या मे आकर कंपनी का काम बंद करेंगे।
सीमेंट कंपनी का काम बंद करने के लिए ग्रामिणों ने जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ, पुलिस निरीक्षक को निवेदन दिया हैं। उपसरपंच सुरेखा लभाने का कहना है कि हम प्रशासन तथा कंपनी से सहयोग की आशा करते है। कंपनी की एनओसी रद्द हो गई है इसलिए कंपनी द्वारा चलाया जा रहा काम प्रशासन स्वयं रुकवाकर ग्रामीणों की मदद करें। इस समय आंदोलन स्थल पर थानेदार अजिंक्य तांबडे, एपीआय मोरे, पीएसआय मित्तरवार, पीएसआय साखरकर मॅडम ने पुलिस टीम के साथ उपस्थित रहकर स्थिति पर नियंत्रण स्थापित किया।
21 मई 25 को नियमबाह्य तरीके से कंपनी को एनओसी देने का आरोप उपसरपंच,सदस्य, व ग्रामीणों ने सरपंच व सचिव पर लगाया है। ग्रामपंचायत के सचिव और सरपंच के खिलाफ कार्रवाई कर कंपनी का काम रोकने की मांग उपसरपंच सुरेखा लभाने ने पंचायत समिति के गट विकास अधिकारी को सौंपे निवेदन में की है। इस निवेदन में उपसरपंच लभाने ने कहा कि सरपंच और सचिव ने ग्रामीण और ग्रा पं सदस्यों को सही जानकारी न देकर उन्हे गुमराह किया। दोनों ने आपसी सहमति से कंपनी को एनओसी दे दी थी। यह ज्ञात होने पर ग्राम पंचायत के 8 सदस्यों ने गैरकानूनी रुप से दी गई एनओसी रद्द करने की मांग प्रशासन से की थी।
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इसके बाद 27 जनवरी को येंसा ग्रापं की विशेष ग्रामसभा में उपस्थित उपसरपंच समेत 6 सदस्य और 150 से अधिक ग्रामीणों की मांग पर ग्राम पंचायत ने श्री सीमेंट कंपनी को 21 मई 2025 को दी एनओसी रद्द करने का प्रस्ताव रखा जिसे ग्रामसभा ने पारित कर दिया और कंपनी को दी एनओसी रद्द हो गई है।
इसके पहले कंपनी को दिए एनओसी के वक्त सरपंच और सचिव ने ग्रामीणों को बिना जानकारी दिये कुछ सदस्य को गुमराह कर एनओसी दे दी थी। किंतु अब एनओसी रद्द होने के बाद कंपनी द्वारा चल रहा काम बंद कर सरपंच और सचिव की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उपसरपंच सुरेखा लभाने ने गट विकास अधिकारी वरोरा, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार, पुलीस निरीक्षक को दिये निवेदन में की है।






