
फाइल फोटो
Sand Mafia Is Emboldened: चंद्रपुर जिले के राजुरा तहसील के विहिरगांव, नलफडी, सातरी, चूनाला, बामणवाड, आर्वी घाट, लक्कडकोट, विरुर, गोवरी, देवाडा, सिद्धेश्वर, सोंडो, धोपटाला, माडखांब (स्वामी की वाड़ी के पास), कापनगांव, सुमठाना और विरुर खांबाडा जैसे वर्धा नदी किनारे बसे गांवों में रेत माफिया का साम्राज्य तेजी से फैल रहा है। प्रतिदिन रेत चोरी कर राजस्व विभाग को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह तस्करी खुलेआम लोगों की आंखों के सामने होती है, लेकिन राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। रात के समय ट्रैक्टर, डंपर और हायवा वाहन रेत से भरकर बेरोकटोक आवाजाही करते हैं। इस मामले में संबंधित अधिकारी और पुलिस विभाग निष्क्रियता का चरम उदाहरण पेश कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कई बार शिकायतें और ठोस जानकारी देने के बावजूद भी कार्रवाई न होने से जनता में जबरदस्त नाराजगी और आक्रोश का वातावरण बन गया है।
नागवंश यूथ फोर्स बहुउद्देशीय संस्था, राजूरा के अध्यक्ष अमोल राऊत ने राजस्व मंत्री को निवेदन देकर राजस्व एवं पुलिस प्रशासन की भूमिका पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की है। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने निवेदन में कहा है कि तहसीलदार, मंडल अधिकारी, तलाठी तथा विरुर और राजुरा पुलिस निरीक्षक, ये सभी अधिकारी रेत तस्करों का संरक्षण कर रहे हैं। नागरिकों द्वारा रोज रेत परिवहन की जानकारी दी जाती है, फिर भी प्रशासन चुप है। यह रवैया अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और संदिग्ध है।
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यह निवेदन तहसीलदार राजुरा के माध्यम से राजस्व मंत्री, जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री, गृह मंत्रालय तथा जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रपुर को भेजा गया है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की चुप्पी ही रेत माफिया के हौसले बुलंद कर रही है। अधिकारी सब कुछ देखते हुए भी कार्रवाई नहीं करते। शासन का करोड़ों का राजस्व बर्बाद हो रहा है, और प्राकृतिक संपदा लूटी जा रही है। राजुरा तहसील में प्रशासन की यह निष्क्रियता गंभीर सवाल खड़े करती है। अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो नागवंश यूथ फोर्स ने जन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।






