भिवाड़ी में भयानक अग्निकांड: केमिकल फैक्ट्री में 7 मजदूर जिंदा जले, कंकाल देख कांपी रेस्क्यू टीम की रूह

Rajasthan Bhiwadi Fire News: राजस्थान के भिवाड़ी में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से 7 मजदूरों की मौत हो गई। फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 2 अब भी लापता हैं।
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राजस्थान के भिवाड़ी में लगी आग, फोटो- सोशल मीडिया
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Bhiwadi Chemical Factory Fire: राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में सोमवार की सुबह मौत का तांडव देखने को मिला। खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक लगी भीषण आग ने वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। इस हृदयविदारक हादसे में 7 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि कई अन्य के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।

यह दर्दनाक हादसा सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे उस समय हुआ जब फैक्ट्री में काम पूरी गति से चल रहा था। जानकारी के अनुसार, भिवाड़ी के खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित इस केमिकल फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर मौजूद थे। आग इतनी अचानक और तेजी से फैली कि मजदूरों को बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं मिल सका। एडीएम सुमिता मिश्रा ने बताया कि पुलिस को गश्त के दौरान इस घटना का पता चला, जिसके बाद तुरंत रेस्क्यू शुरू किया गया।

डेढ़ घंटे की मशक्कत, फिर भी लग गया 'कंकालों' का ढेर

आग की सूचना मिलते ही खुशखेड़ा और भिवाड़ी रीको फायर स्टेशन से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। केमिकल की मौजूदगी के कारण आग की लपटें बेहद विकराल थीं, जिन पर करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका। जब आग बुझने के बाद रेस्क्यू टीम फैक्ट्री के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देख अधिकारियों के होश उड़ गए। टीम के सामने मजदूरों के जले हुए कंकाल पड़े थे। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शव पहचान में नहीं आ रहे थे, जिन्हें बाद में कंबल में लपेटकर बाहर निकाला गया।

जांच के घेरे में सुरक्षा मानक: 2 मजदूर अब भी लापता

प्रशासन ने अब तक 7 मजदूरों के शव बरामद किए जाने की पुष्टि की है, जबकि 2 मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश मलबे में जारी है। मौके पर तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह मौजूद हैं और उन्होंने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। भिवाड़ी एसपी और एडीएम भी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचने वाले हैं। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि फैक्ट्री में ज्वलनशील रसायनों के रखरखाव और आग से बचाव के सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी अक्सर बड़े हादसों का सबब बनती रही है। हाल ही में 14 फरवरी को सिरोही के आबू रोड इलाके में भी एक मां और उसके 4 महीने के मासूम बेटे की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। भिवाड़ी की इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा और प्रशासन की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे इलाके में शोक की लहर है और मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।

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