
चंद्रपुर जिलाधिकारी विनय गौडा ने ली बैठक (सौजन्य-नवभारत)
Chandrapur News: मकर संक्रांति का पर्व निकट आते ही सप्ताह भर पूर्व से ही घरों की छतों, उंचे स्थानों, खुले मैदानों से पतंगबाजी का शौक परवान चढने लगता है। पतंगबाजी का यह शौक न केवल पक्षियों बल्कि इंसानों के लिए भी काफी घातक साबित होता है।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पतंगबाजी के कारण होनेवाली दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासकीय यंत्रणा सक्रिय हो गई है। जिलाधिकारी विनय गौडा ने अधिकारियों की बैठक लेकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है।
भारत में मकर सक्रान्ति पर्व से ठीक पहले पतंगबाजी का दौर शुरू हो जाता है। अगले एक माह तक जोर शोर से पतंगबाजी जारी रहती है। पतंग उड़ाने के लिए उपयोग में आनेवाला चायनीज मांजा पिछले 10-12 वर्षां से जानलेवा बन रहा है। चायनीज मांजे का निर्माण प्लास्टिक के महीन तार के ऊपर कांच की धार व सिंथेटिक कैमिकल से होता है।
जिससे इस डोर पर हार्ड कवच बन जाता है।जिससे यह न तो घिसती है व न ही टूटती है। इसकी वजह से न सिर्फ पतंगबाजी कर रहे लोगों के हाथ कट जाते हैं बल्कि गाड़ियों में यह मांजा फंसता है तो चालकों का बैलेंस बिगड़ता है, जिससे बाइक सवार को चोट लगती है और हादसे में मौत तक हो जाती है।
इसके अलावा हर साल हजारों पक्षी इस मांजा की चपेट में आकर जख्मी हो जाते हैं, मौत के मुहं में चले जाते है। शीशे आदि से बना मांजा पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता हैं। नाईलोन से यह धागा बना होता है जिसमें डोर काटने के लिए शीशे के चूर्ण का लेपन किया जाता है। इस वजह से यह आसानी से टूटता नहीं है। जिससे यह बहुत खतरनाक हो जाता है।
चायनीज मांझे की पतली व तेज धार होने से यह अंग कटने का कारण बनती है। खासकर पतंगबाजी के दौरान शरीर के किसी भी अंग से गुजरने पर इसका असर तलवार के जैसा होता है। ऐसे में पीड़ित की नस कटने से उसकी मौत भी हो सकती है। इस मांजे से कई बार किसी अंग के कटने से इसका दर्द जिन्दगी भर बना रहता है।
यह भी पढ़ें – नक्सलियों के गढ़ में नशे का कारोबार! गड़चिरोली पुलिस की बड़ी रेड; गांव में हो रही थी गांजे की खेती
पतंगबाजी के इस शौक से न केवल सड़क दुर्घटनाएं होती हैं बल्कि पशु और पक्षियों को भी चोटें आती हैं। कई पक्षी तो मांजा की चपेट में आकर जीवन भर उड़ नहीं पाते। अपने प्राण तक गवां देते है। पतंगबाजी विशेषकर चायनीज मांजे के कारण बच्चों, पशु, पक्षियों सहित राहगीरों के साथ दुर्घटना होने के मामले भी प्रकाश में आते रहे हैं। यह चाईनीज मांजा सबसे अधिक दुपहिया सवार के लिए खतरा बन रहा है।
जिलाधिकारी विनय गौडा ने इस गंभीर समस्या पर अधिकारियों की बैठक लेकर नायलॉन मांजा विक्री और उपयोग करनेवालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी कार्यालय में ली गई बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक ईश्वर कातकाडे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी कल्पना क्षीरसागर, निवासी उपजिलाधिकारी दगडू कुंभार, उपविभागीय अधिकारी विशालकुमार मेश्राम, तहसीलदार विजय पवार, मनपा उपायुक्त चिद्रावार, ऑनलाईन पर सभी उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार आदि उपस्थित थे।






