
एकनाथ शिंदे व देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
BJP Shiv Sena Deal: महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव के बाद अब सत्ता की बिसात बिछने लगी है। मुंबई और नासिक नगर निगमों में वर्चस्व स्थापित करने के लिए भाजपा और शिंदे सेना के बीच गंभीर वाटाघाटी जारी है। खबरों के मुताबिक, मुंबई में मेयर पद की खींचतान खत्म करने के लिए नासिक में सत्ता साझेदारी का फॉर्मूला अपनाया जा सकता है।
महाराष्ट्र की राजनीति में मुंबई और नासिक नगर निगमों में सत्ता का पेच सुलझाने के लिए भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच पर्दे के पीछे बड़ी डील होने के संकेत मिल रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, मुंबई महानगरपालिका में सत्ता हासिल करने के लिए दोनों दलों के बीच बातचीत तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मुंबई में भाजपा को पूर्ण समर्थन देने के बदले में शिंदे सेना नासिक नगर निगम की सत्ता में अपनी हिस्सेदारी मांग रही है।
मुंबई के राजनीतिक गलियारों में वर्तमान में मेयर पद को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (शिंदे गुट) मुंबई में ढाई-ढाई साल के लिए मेयर पद की मांग पर अड़ी है। वहीं, दूसरी ओर भाजपा पांच साल तक मेयर पद अपने पास रखने के लिए अडिग नजर आ रही है। इसी गतिरोध को तोड़ने के लिए अब एक ‘लेन-देन’ का फॉर्मूला चर्चा में आया है, जिसके तहत यदि मुंबई में भाजपा का मेयर बनता है, तो नासिक में शिंदे सेना को महत्वपूर्ण पद दिए जा सकते हैं।
हालांकि नासिक मनपा में भाजपा ने अपने दम पर सत्ता का दावा किया था, लेकिन मुंबई की स्थिति को देखते हुए समझौते के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि नासिक में मेयर पद भाजपा अपने पास रख सकती है, लेकिन इसके बदले में शिवसेना को उपमहापौर, स्थायी समिति सदस्य, प्रभाग समितियां और विषय समितियों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
यह भी पढ़ें:- BMC बजट पर लग सकता है ब्रेक! प्रशासन ने राज्य सरकार से मांगी समय-सीमा बढ़ाने की मंजूरी
उल्लेखनीय है कि नासिक में भाजपा का मुकाबला शिवसेना-राष्ट्रवादी गठबंधन से था, जबकि मुंबई में भाजपा-शिवसेना युति में थे। अब राज्य स्तर पर तालमेल बिठाने के लिए नासिक में सेना को सत्ता में हिस्सेदार बनाने की तैयारी दिख रही है।
दोनों शहरों के राजनीतिक समीकरणों पर अगले कुछ घंटों में स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुंबई जैसी महत्वपूर्ण महानगरपालिका में अपना मेयर बिठाने के लिए भाजपा नासिक में कुछ समझौते कर सकती है। फिलहाल, दोनों पक्षों के नेताओं के बीच वाटाघाटी का दौर जारी है और सभी की नजरें अंतिम निर्णय पर टिकी हैं कि क्या यह ‘डील’ हकीकत में तब्दील होती है या राजनीति कोई नया मोड़ लेती है।






