भंडारा जिले में गहराया जलसंकट, खैरलांजी में महिलाओं ने टंकी पर चढ़कर किया प्रदर्शन
Sakoli Water Crisis: भंडारा जिले के साकोली तहसील के खैरलांजी गांव में पानी की गंभीर समस्या से नाराज महिलाओं ने पानी की टंकी पर चढ़कर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Women Protest On Water Tank (सोर्सः सोशल मीडिया)
Khairlanji Village Water Problem: भंडारा जिले के साकोली तहसील के खैरलांजी साकोली गांव में पानी की गंभीर समस्या से परेशान महिलाओं ने सोमवार 30 मार्च को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, गट ग्राम पंचायत खैरलांजी को करीब 35 से 40 महिलाएं सीधे पानी की टंकी पर चढ़ गई और आंदोलन शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही साकोली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। गांव में दो साल पहले बनाई गई पानी की टंकी में आज तक पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
बताया गया कि वर्ष 2023-24 में जिला परिषद के माध्यम से प्राथमिक शाला परिसर में लगभग 40 फीट ऊंची टंकी का निर्माण किया गया, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के बिना बनाई गई यह टंकी अब तक उपयोग में नहीं आई। पानी के लिए पांच बार बोरवेल किए गए, लेकिन सभी असफल रहे, में जिससे गांव में पानी का संकट और गहरा गया। न भीषण गर्मी को देखते हुए महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। वे हाथों में तख्तियां लेकर टंकी पर चढ़ गईं और सरपंच के आने तक नीचे उतरने से इनकार कर दिया।
टंकी निर्माण में भारी भ्रष्टाचार
इस दौरान ग्रामस्थों र ने टंकी निर्माण में भारी भ्रष्टाचार के आरोप , लगाए, उनका कहना है कि निर्माण कार्य में मानक के अनुसार 20 एमएम सरिया की जगह 10 एमएम सरिया का उपयोग किया गया, नींव भी कम गहरी बनाई गई और टंकी में पहले ही दरारें पड़ चुकी हैं। पुलिस नायक चंद्रकांत धेर और स्वप्निल गोस्वामी मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में लिया। बाद में सरपंच पूजा देशमुख को बुलाया गया।
सम्बंधित ख़बरें
प्राइवेट NEET कोचिंग सेंटरों पर चलेगा सरकार का हथौड़ा! राजस्व मंत्री विखे पाटिल ने की पाबंदी की मांग
Kalyan: रेलवे यार्ड में 14 साल की लड़की से दरिंदगी, रेप की घटना से फिर दहल उठा महाराष्ट्र
छत्रपति संभाजीनगर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल; आम आदमी का बजट बिगड़ा, ऑटो एलपीजी हुई सस्ती
पुणे कृषि महाविद्यालय में ‘अजित दादा पवार देशी गाय केंद्र’ का नामकरण, महिला किसानों के रोजगार पर जोर
उन्होंने गांव में जल्द पानी की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद पुलिस की मदद से महिलाओं को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस आंदोलन में चित्रा मेश्राम, कल्पना सूर्यवंशी, दिव्या हुमने, शशिकला मुरकुटे, ललिता कुंभरे, सुधा बोरकर, भीमा वालदे, वंदना चंद्रिकापुरे सहित करीब 40 से 45 महिलाओं ने हिस्सा लिया।
पांच बोरवेल किए पर एक में भी पानी नहीं
सरपंच पूजा देशमुख ने बताया कि गांव में पानी की समस्या दूर करने के लिए पांच बोरवेल किए गए, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि पंचायत लगातार प्रयास कर रही है और पानी आपूर्ति विभाग, पंचायत समिति व जिला परिषद से संपर्क किया गया है। तत्काल राहत के रूप में मंगलवार से गांव में 5 हजार लीटर का टैंकर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही स्थायी जल व्यवस्था के लिए योजना बनाई जा रही है।
