20 वर्षों में एक भी पोस्टमार्टम नहीं, शव विच्छेदन गृह खा रहा धूल, उद्घाटन तक नहीं हुआ
Post Mortem: गोबरवाही में शव विच्छेदन गृह का निर्माण बडे ही उत्साह और उम्मीदों के साथ किया गया। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इतने वर्षों में अब तक यहां एक भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ।
- Written By: आंचल लोखंडे
20 वर्षों में एक भी पोस्टमार्टम नहीं (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Bhandara News: करीब 20 वर्ष पूर्व स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गोबरवाही में शव विच्छेदन गृह का निर्माण बडे ही उत्साह और उम्मीदों के साथ किया गया। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इतने वर्षों में अब तक यहां एक भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ। निर्माण करने के बाद स्वास्थ्य प्रशासन इसे भूल गया, इस पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है।
गोबरवाही के ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के बाद इस शव विच्छेदन गृह का आज तक उद्घाटन करना भी जरूरी नहीं समझा गया है, जिसके कारण यह निर्माण कार्य केवल सरकारी धन की बर्बादी करने के मकसद से किया गया है, ऐसा आरोप लगाया जा रहा है। तुमसर–कटंगी अंतर्राष्ट्रीय महामार्ग पर स्थित बसा गोबरवाही इस परिसर का एक महत्वपूर्ण और प्रमुख गांव है, जो रेलवे मार्ग से भी जुड़ा है. यहां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तुमसर पंचायत क्षेत्र का पहला स्वास्थ्य केंद्र है, जिसे मदर पीएचसी भी कहा जाता है।
20 वर्ष पहले इस स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शव विच्छेदन गृह का निर्माण
भंडारा जिला परिषद की ओर से लगभग 20 वर्ष पहले इस स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शव विच्छेदन गृह का निर्माण कार्य किया गया और इस पर लाखों रुपये खर्च किए गए। जिला परिषद ने निर्माण पर धन खर्च कर दिया, ठेकेदारों को लाभ भी हो गया, लेकिन क्षेत्रिय जनता को अब तक इस पोस्टमार्टम गृह की कोई सुविधा नहीं मिली है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद आज तक एक भी पोस्टमार्टम यहां नहीं हुआ।
सम्बंधित ख़बरें
विश्व संग्रहालय दिवस: भंडारा की ऐतिहासिक धरोहर क्यों हो रही उपेक्षित? 100 कमरों वाला पांडे महल बदहाल
गर्मी का असर: भंडारा में गहराया जल संकट! जलाशयों में बचा सिर्फ 28% पानी, प्रशासन की अपील; संभलकर करें जल उपयोग
भंडारा में दर्दनाक हादसा,मोहाडी तहसील में नदी बनी काल, तैरने गए दो युवकों की गई जान
पवनी नगर परिषद बैठक में जलापूर्ति योजना पर विपक्ष का हंगामा, प्रशासन पर अनियमितता के आरोप
ये भी पढ़े: दूकानें तोड़ने वाले आरोपी से मंगवाई माफी, पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने का प्रयास
लाखो रूपये खर्च हुए
वर्तमान में स्थिति यह है कि शव विच्छेदन के लिए शवों को 20 से 40 किलोमीटर दूर उप जिला अस्पताल, तुमसर भेजा जाता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर पोस्टमार्टम गृह उपलब्ध रहने के बावजूद इसका उपयोग नहीं किया जाता। पुलिस स्टेशन और एमबीबीएस डॉक्टर की उपलब्धता होने के बावजूद भी यहां पोस्टमार्टम की सुविधा न होना ग्रामीणों के लिए समझ से परे है। इससे मृतकों के परिजनों और पुलिस प्रशासन दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शव विच्छेदन गृह चालू करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि लोकनिर्वाचित प्रतिनिधि चाहे वे विधानसभा, लोकसभा, जिला परिषद, पंचायत समिति या ग्राम पंचायत से जुड़े हों, सभी का यह दायित्व है कि इस स्वास्थ्य केंद्र में शव विच्छेदन कार्य तुरंत शुरू कराया जाए। पूर्व विमुस अध्यक्ष रुपसिंह पिलगर (पौनारखारी) एवं अन्य ग्रामीणों ने भी शीघ्र कार्रवाई कर शव विच्छेदन गृह चालू करने की मांग की है।
