(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Bhandara Illegal Statue Unveiling Action: महाराष्ट्र के भंडारा शहर में खात रोड स्थित खोकरला ग्राम पंचायत के समीप छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। शासन के नियमों और आधिकारिक अनुमति के बिना प्रतिमा स्थापित करने और उसे सार्वजनिक रूप से अनावरित करने के मामले में भंडारा पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त 5 मुख्य आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और जिला प्रशासन की निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, खोकरला ग्राम पंचायत के सामने स्थित सौंदर्याकरण चबूतरे (ओटे) के पास कुछ लोगों ने गैर-कानूनी तरीके से भीड़ जुटाई थी। जब मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें शासन के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए रोकने की कोशिश की, तो स्थिति बिगड़ गई। आरोप है कि स्वप्निल युवराज कोसरे, कार्तिक सूर्यभान सोनवाने, रतन सुनील पाटेकर, विनायक बावनकर और गोवर्धन निनावे ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की। इन्होंने पुलिसकर्मियों को जबरन रास्ते से हटाते हुए अनाधिकृत रूप से प्रतिमा का अनावरण कर दिया।
भंडारा पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने महाराष्ट्र शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा वर्ष 2017 में जारी परिपत्रक (गाइडलाइंस) का स्पष्ट उल्लंघन किया है। इसके अलावा, भंडारा जिलाधिकारी द्वारा जारी निषेधाज्ञा आदेशों को भी ठेंगा दिखाया गया। सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमा स्थापना के लिए एक निश्चित वैधानिक प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है, जिसका इस मामले में पूरी तरह अभाव था।
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सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और कानून को हाथ में लेने के इस कृत्य को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। भंडारा पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना या सार्वजनिक आयोजन के लिए पहले शासन से आधिकारिक अनुमति प्राप्त करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।