
बैग में मिली नवजात बच्ची (सौजन्य-नवभारत)
Newborn Girl Saved: लाखनी तहसील के राष्ट्रीय महामार्ग पर स्थित मानेगांव खेत परिसर में रविवार दोपहर करीब 1 बजे मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। किसी अज्ञात व्यक्ति ने 8 से 10 दिन की नवजात बच्ची को काले रंग के बैग में बंद कर नाले की झाड़ियों में फेंक दिया। सौभाग्य से समय रहते पुलिस को सूचना मिलने से बच्ची की जान बच गई और उसे गंभीर अवस्था में भंडारा के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पिंपलगांव सड़क के पुलिस पाटिल सुरेश मते को झाड़ियों में पड़े बैग से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने तत्काल लाखनी पुलिस स्टेशन को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस निरीक्षक सुभाष बारसे अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। बैग खोलने पर उसमें एक नवजात बच्ची मिली, जिसे अमानवीय तरीके से बंद कर फेंका गया था। कड़ी धूप, भूख-प्यास और दमघोंटू हालात के बावजूद बच्ची जीवित थी।
भंडारा पुलिस ने तुरंत बच्ची को ग्रामीण अस्पताल लाखनी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे भंडारा के सामान्य अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची फिलहाल खतरे से बाहर है, लेकिन उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है और दोषी की तलाश शुरू कर दी गई है।
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इस मामले की जांच पुलिस हवलदार मिलिंद गभणे और पुलिस सिपाही कांतीस कराडे कर रहे हैं। आसपास के गांवों में हाल ही में हुई प्रसूतियों, अस्पताल रिकॉर्ड, अविवाहित गर्भावस्था और संदिग्ध गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषी की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।






