बावनथड़ी नदी का जलस्रोत सूखा, गोबरवाही सहित 6 गांवों में पानी का संकट गहराया
Drinking Water Crisis: भंडारा जिले के गोबरवाही जल प्रादेशिक योजना के सात दिनों से बंद रहने से कई गांवों के करीब 15 हजार लोग भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।
Bawanthadi River (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Gobarwahi Water Supply: गोबरवाही एवं नाकाडोंगरी अंचल में इन दिनों भीषण पेयजल संकट गहराया है। गोबरवाही जल प्रादेशिक योजना पिछले सात दिनों से पूरी तरह बंद पड़ी है, जिसके कारण गोबरवाही, सीतासावंगी, नाकाडोंगरी, चिखला, राजापुर और सुंदरटोला सहित छह गांवों की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। इससे योजना से जुड़े 3,000 से अधिक नल कनेक्शन प्रभावित हुए हैं और लगभग 15 हजार नागरिक बूंदबूंद पानी के लिए परेशान हैं।
पानी की आपूर्ति बंद होने से ग्रामीणों को मजबूरी में बोरवेल और कुओं का बिना क्लोरीनयुक्त पानी पीना पड़ रहा है। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।बावनथड़ी नदी का जलस्रोत सूखाइस योजना को पानी उपलब्ध कराने वाले बावनथड़ी नदी के कुएं पूरी तरह सूख चुके हैं।
गोबरवाही जल योजना ठप
जलस्रोत समाप्त होने के कारण पूरी जलापूर्ति व्यवस्था ठप पड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन आज तक प्रशासन की ओर से कोई स्थायी वैकल्पिक जलस्रोत विकसित नहीं किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
यवतमाल में मानसून सक्रिय, औसतन 66% वर्षा दर्ज; सिंचाई परियोजनाओं में जलस्तर बढ़ा, किसानों में उम्मीदें बढ़ीं
Rajesh Kshirsagar: एकनाथ शिंदे के विधायक का चौंकाने वाला वीडियो, ठेकेदार से हो रही है डील! कैमरे में सब कैद
मजदूर के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी, शिरजगांव कसबा में मामला दर्ज
भंडारा में 2 स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति रद्द, हाईकोर्ट ने 3 हफ्ते में नई चयन प्रक्रिया के दिए निर्देश
ये भी पढ़े: ऑपरेशन टाइगर की क्या जरूरत, जब नेता खुद आ रहे हैं? उदय सामंत का मविआ पर करारा तंज!
जनप्रतिनिधियों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य कृष्णकांत बघेल तथा पंचायत समिति सदस्य नरेंद्र गेडाम पिछले चार वर्षों से योजना को प्रभावी बनाने, नया जलस्रोत विकसित करने और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग शासन एवं संबंधित विभागों के समक्ष लगातार उठाते रहे हैं। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि गोबरवाही, सीतासावंगी, नाकाडोंगरी, चिखला, राजापुर और सुंदरटोला में जल्द नियमित एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो हजारों ग्रामीणों के साथ व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
