

Maharashtra Politics: उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि कांग्रेस सहित महाविकास आघाड़ी का कोई नेता शिवसेना में आना चाहता है तो वह अपनी इच्छा से आ रहा है। उन्हें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा है, इसलिए किसी 'ऑपरेशन टाइगर' की जरूरत ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रमुख नेता और डीसीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में मुंबई में लगभग हर दिन विभिन्न दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं का शिवसेना में प्रवेश हो रहा है, इसलिए यदि 'ऑपरेशन टाइगर' को कोई नंबर देना हो तो वह 365 तक देना पड़ेगा।
वे अमरावती में बच्चू कड़ और अन्य नेताओं की बैठक तथा नागपुर में कुछ कार्यकर्ताओं के पार्टी प्रवेश कार्यक्रम और सम्मेलन में शामिल होने नागपुर आए थे। उन्होंने दावा किया कि मविआ के कई विधायकों में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को स्वीकार करने की भावना बन रही है तो उसे नकारने का कोई कारण नहीं है। यदि कोई नेता पार्टी में आना चाहता है तो वह अपनी इच्छा से आ रहा है, इसलिए किसी 'ऑपरेशन टाइगर' की जरूरत ही नहीं है।
उद्धव ठाकरे के दौरे के संदर्भ में सवाल पर उन्होंने केवल 'उन्हें शुभकामनाएं कहा और इस विषय पर आगे टिप्पणी करने से बचते रहे, कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के शिंदे सेना में प्रवेश के संदर्भ में कहा कि वे उनके भी अच्छे मित्र हैं और एकनाथ शिंदे के भी।
उन्होंने कभी भी पार्टी में शामिल होने के संबंध में उनसे कोई चर्चा नहीं की है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि विदर्भ से गहरा
जुड़ाव रखने वाला और जनता के बीच मजबूत नेतृत्व रखने वाला कोई नेता, जैसे विजय वडेट्टीवार, शिंदे के साथ आता है तो उन्हें सबसे अधिक खुशी होगी।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी उनके साथ काम कर चुके हैं। यदि वडेट्टीवार शिंदे का नेतृत्व स्वीकार करते हैं तो इसमें बुरा क्या है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि चल रही है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
संजय दिना पाटिल के विवादित बयान पर सामंत ने कहा कि उनकी कार्यशैली और बॉडी लैंग्वेज शुरू से ही ऐसी रही है। हालांकि उन्होंने जो कुछ कहा, उसका पार्टी ने कहीं भी समर्थन नहीं किया।
उन्होंने स्वयं माफी भी मांग ली है। उन्होंने यह भी कहा कि गालीगलौज और धमकियों की शुरुआत कहां से होती है, इस पर भी विचार किया जाना चाहिए।
भाजपा में और भीड़ नहीं बढ़ाने वाले आशीष देशमुख के वक्तव्य पर सामंत ने कहा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्री मिलकर निर्णय लेंगे। शिवसेना में किसे शामिल करना है और किसे नहीं, इसका अंतिम और पूर्ण अधिकार एकनाथ शिंदे के पास है।