यवतमाल में मानसून सक्रिय, औसतन 66% वर्षा दर्ज; सिंचाई परियोजनाओं में जलस्तर बढ़ा, किसानों में उम्मीदें बढ़ीं
Yavatmal Monsoon Rainfall Update: यवतमाल में मानसून सक्रिय है और जून में अब तक 66% वर्षा दर्ज हुई है। सिंचाई परियोजनाओं में जलस्तर बढ़ा है, जिससे किसानों में खरीफ बुवाई को लेकर उम्मीदें बढ़ गई है।
- Written By: अनन्या तिवारी
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Yavatmal Monsoon Improvement expect Better Kharif Sowing : यवतमाल जिले में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। शनिवार सुबह तक प्राप्त वर्षा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 22.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही जून माह में अब तक जिले की संचयी वर्षा 97.3 मिमी पहुंच गई है, जो सामान्य वर्षा का 66 प्रतिशत है।
तहसीलों में असमान वर्षा वितरण
जिले में सबसे अधिक दैनिक वर्षा यवतमाल तहसील में 51.5 मिमी दर्ज की गई। इसके बाद रालेगांव में 43.4 मिमी, झरी-जामनी में 41.7 मिमी, मारेगांव में 28.3 मिमी तथा दारव्हा में 27.1 मिमी वर्षा हुई। वहीं वणी में केवल 1.7 मिमी बारिश दर्ज की गई।
सामान्य वर्षा की तुलना में झरी-जामनी तहसील 152.1 प्रतिशत वर्षा के साथ जिले में सबसे आगे है। इसके बाद नेर (105.5 प्रतिशत), मारेगांव (92.9 प्रतिशत) और वणी (85.1 प्रतिशत) का स्थान है। दूसरी ओर घाटंजी (38.9 प्रतिशत), केलापुर (45.9 प्रतिशत) और महागांव (46.2 प्रतिशत) में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।
अमरावती संभाग में अब तक 89.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य वर्षा का 67.3 प्रतिशत है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी जिले में वर्षा की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई में और तेजी आने की उम्मीद है।
जिले के प्रमुख और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में बढ़ा जलस्तर
यवतमाल जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के जलाशयों में पानी की आवक बढ़ रही है। 27 जून की दैनिक जलाशय रिपोर्ट के अनुसार जिले की अधिकांश परियोजनाओं में जल भंडारण में वृद्धि दर्ज की गई है।
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सायखेड़ा परियोजना में सबसे अधिक जल भंडारण
रिपोर्ट के अनुसार सायखेड़ा परियोजना में सबसे अधिक 47.24 प्रतिशत उपयोगी जल भंडारण दर्ज किया गया है। इसके बाद अडाण परियोजना में 46.54 प्रतिशत, वाघाड़ी में 44.91 प्रतिशत, अधरपूस में 44.39 प्रतिशत, अरुणावती में 38.25 प्रतिशत, नीलकी में 36.64 प्रतिशत, बेंबला में 36.48 प्रतिशत, नवरगांव में 33.32 प्रतिशत, पुस में 32.16 प्रतिशत तथा बोरगांव में 26.48 प्रतिशत उपयोगी जल भंडारण दर्ज किया गया।
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वर्षा और जलाशयों की स्थिति
बारिश की बात करें तो पुस परियोजना क्षेत्र में सर्वाधिक 58 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा अरुणावती में 42 मिमी, गोकी में 31 मिमी, अधरपूस में 18 मिमी, बोरगांव में 10 मिमी, बेंबला में 6 मिमी तथा अडाण में 2 मिमी वर्षा हुई। वहीं नवरगांव में वर्षा दर्ज नहीं हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वाघाड़ी और सायखेड़ा परियोजनाओं में वर्षामापक यंत्र उपलब्ध नहीं है, जबकि नवरगांव परियोजना का वर्षामापक यंत्र खराब होने के कारण वर्षा का आंकड़ा उपलब्ध नहीं हो सका। जिले में लगातार हो रही वर्षा से जलाशयों के भराव में सुधार हो रहा है, जिससे किसानों में खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
