- Hindi News »
- Maharashtra »
- Bhandara »
- Existence Of Zila Parishad Schools Is In Danger
Bhandara News: संकट में जिला परिषद स्कुलों का अस्तित्व, साल दर साल घट रही छात्रसंख्या
आधुनिक समय में जिला परिषद प्राथमिक विद्यालयों का अस्तित्व संकट में है तथा विद्यालय में छात्रों की संख्या दिन-ब-दिन कम होती जा रही है। सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों के बच्चे निजी विद्यालयों में प्रवेश लेते हैं
- Written By: आंचल लोखंडे

संकट में जिप शालाओं का अस्तित्व। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
भंडारा: आधुनिक समय में जिला परिषद प्राथमिक स्कुलों का अस्तित्व संकट में है तथा विद्यालय में छात्रों की संख्या दिन-ब-दिन कम होती जा रही है। सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, शिक्षकों के बच्चे निजी विद्यालयों में प्रवेश लेते हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर देखने को मिल रहा है कि गांवों में गरीबों के बच्चे भी निजी स्कूलों में प्रवेश लेने की जिद कर रहे हैं।
इसका फायदा उठाकर निजी स्कूलों के शिक्षक प्रवेश के लिए छात्रों के घर-घर जा रहे हैं। दूसरी ओर जिला परिषद के विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन होते हुए भी देखने में आ रहा है कि जिला परिषद के स्कुलों वीरान होते जा रहे हैं।
खतरे में है विद्यालयों का अस्तित्व
सरकार द्वारा गरीबों के बच्चों के लिए शुरू किए गए जिला परिषद प्राथमिक स्कुल बंद हो रहे हैं। कई स्कूल बंद होने के कगार पर हैं। कई स्कूल में एक शिक्षक हैं और छात्रसंख्या के अभाव में बंद होने की कगार पर हैं। ऐसा ही हाल गांवों के जिला परिषद प्राथमिक विद्यालयों का हो गया है। जिससे जिला परिषद प्राथमिक विद्यालयों का अस्तित्व खतरे में है और संभावना है कि कार्यरत शिक्षक और प्रशिक्षित शिक्षक अपनी नौकरी खो सकते हैं। बुनियादी शिक्षा की शुरुआत जिला परिषद के स्कूल से होती है और वही स्कूल आज छात्र संख्या के अभाव में रसातल में जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
साकोली: प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित प्रकरणों को जल्द मंजूरी देने की मांग, गटनेता ने सौंपा ज्ञापन
राजापुर में गहराया पेयजल संकट; दूषित जलापूर्ति से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सड़क जाम करने की दी चेतावनी
भंडारा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईस्टर पर्व: यीशु मसीह के पुनरुत्थान पर चर्च में हुई विशेष प्रार्थना सभा
भंडारा: आईटीआई टाकली में एनएसएस शिविर संपन्न, विशेषज्ञों ने छात्रों को रेबीज से बचाव और टीकाकरण के उपाय बताए
जिप के स्कूल बंद होने के कगार पर
इसका मुख्य कारण यह है कि सरकारी अधिकारी व कर्मचारी अपने बच्चों को जिला परिषद के विद्यालयों में प्रवेश न देकर निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाते हैं। जिससे अन्य अभिभावकों का भी रुझान निजी कान्वेंट में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित हो रहा है। परिणामस्वरुप जिप के स्कूल बंद होने के कगार पर हैं। क्योंकि छात्र जिप के स्कूलों में शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते हैं।
पढ़ाई के लिए हजारों रुपये खर्च
सामान्य परिवारों के लड़के-लड़कियों को निजी स्कूलों में पढ़ाई के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। जबकि जिप प्राथमिक स्कुल मुफ्त उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। आज जिला परिषद स्कुल में कमी आ रही है क्योंकि निजी स्कुलों में शिक्षा के उच्च स्तर हैं। सुविधाएं भरपूर हैं लेकिन मिजाज वही है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
निजी स्कुलों में शिक्षा की जो व्यवस्था होती है वही शिक्षा की व्यवस्था जिला परिषद प्राथमिक स्कुलों में भी की जा रही है। जिप के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यालय भवन, शौचालय, हाथ धोने, विशाल खेल का मैदान, सुसज्जित कक्षा-कक्ष, रंगरोगन, बैठने की व्यवस्था, आधुनिक शिक्षण विधियों का उपयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन कान्वेंट संस्कृति के बढ़ने के साथ ही यह महसूस होने लगा है कि माता-पिता का मिजाज नहीं बदल रहा है।
तभी आएंगे अच्छे दिन
यदि सरकार राज्य के सभी जिप स्कुलों में कक्षा पहली से चौथी तक की शिक्षा सर्वसामान्य परिवार से लेकर बड़े परिवार के बच्चों के लिए बंधनकारक कर सरकारी कर्मचारियों, वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधियों, विधायकों, सांसदों, मंत्रियों आदि के बच्चों को जिप शाला में शिक्षा लेने बंधनकारक कर देती है तो जिले की जिप शालाओं के भी अच्छे दिन आएंगे, ऐसी प्रतिक्रिया सर्वसामान्य जनता द्वारा व्यक्त की जा रही है।
Existence of zila parishad schools is in danger
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
अब सिर्फ 200 रुपए में होगी खेत की पैमाइश, जमीन के पारिवारिक विवादों से मिलेगा छुटकारा, जानें पूरी प्रक्रिया
Apr 08, 2026 | 04:17 PMExplainer: अमेरिका-ईरान में सीजफायर, फिर लेबनान में बमबारी क्यों? समझिए इजरायल के ‘बफर जोन’ प्लान का सच
Apr 08, 2026 | 04:15 PMगांव वालों से पिट चुका है अशोक खरात, 46 साल पहले भी महिला रिश्तेदार के साथ किया था घिनौना काम
Apr 08, 2026 | 04:09 PMनवभारत विशेष: अकोला जिले में 26 बच्चे गंभीर कुपोषित, अंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मुक्ति के प्रयास जारी
Apr 08, 2026 | 04:08 PMरावण ज्यादा ज्ञानी था या भगवान राम? जवाब जानकर बदल जाएगी सोच
Apr 08, 2026 | 04:06 PMपहले गुजरातियों को बताया बेवकूफ, अब कांग्रेस अध्यक्ष ने मांगी माफी; BJP के आगे झूके मल्लिकार्जुन खरगे!
Apr 08, 2026 | 04:05 PM2014 का वो खौफनाक मंजर और अब रिहाई का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने रामपाल को इन शर्तों पर दी राहत; जानें पूरा मामला
Apr 08, 2026 | 03:58 PMवीडियो गैलरी

वंदे भारत में इंसानियत शर्मशार! खाने की शिकायत पर दिव्यांग बुजुर्ग को कैंटीन स्टाफ ने पीटा, VIDEO वायरल
Apr 07, 2026 | 09:58 PM
सतना के स्कूल में अतीक गैंग के नाम से धमकी, ₹1 लाख दो वरना बम से उड़ा देंगे; पोस्टर देख सहमे लोग- VIDEO
Apr 07, 2026 | 09:47 PM
अमेठी CHC की शर्मनाक तस्वीर, व्हीलचेयर न मिलने पर खुद को घसीटते हुए अस्पताल के अंदर गया मरीज; वीडियो वायरल
Apr 07, 2026 | 09:40 PM
सावधान! अकोला बस स्टैंड पर बिक रहा है ‘जहर’? नाले के पानी से नाश्ता बनाने का वीडियो वायरल, मचा हड़कंप
Apr 07, 2026 | 09:33 PM
असम को बेच दिया! राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, अमेरिका-भारत डील को बताया देश के साथ धोखा
Apr 07, 2026 | 02:17 PM
इंदौर में दबंगई का वीडियो ! रेडिशन चौराहे पर पेट्रोल पंप कर्मचारी को सरेआम पीटा, पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल
Apr 06, 2026 | 10:12 PM














