गांव के विकास कार्यों पर मंथन, भंडारा के दिघोरी में बिजली उपकेंद्र के लिए खोज ली जमीन

Bhandara News: भंडारा जिले के दिघोरी (मोठी) गांव में हुई ग्रामसभा में विकास, समस्याएं और योजनाओं पर ग्रामीणों ने खुलकर चर्चा की। ग्रामसभा के दौरान विभिन्न वार्डों और क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने अपनी-
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Bhandara News in Hindi: भंडारा जिले की लाखांदुर तहसील के अंतर्गत आने वाले दिघोरी (मोठी) गांव में सोमवार, 25 अगस्त को ग्राम पंचायत कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण ग्रामसभा का आयोजन किया गया। इस ग्रामसभा में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति देखने को मिली, जिन्होंने गांव के विकास कार्यों, समस्याओं और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर विचार-विमर्श किया। यह ग्रामसभा ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच सकारात्मक संवाद और सामूहिक निर्णय का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनी।

ग्रामसभा की अध्यक्षता ग्राम सरपंच विजय संतोषराव खोब्रागडे ने की। इस दौरान मंच पर उनके साथ उपसरपंच संजना वरखडे, ग्राम पंचायत सदस्य मोतीराम हुकरे, महादेव कांबले और पुलिस उपनिरीक्षक भोजराज भलावी सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

बिजली उपकेंद्र को मिली स्वीकृति

ग्रामसभा में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय गांव में प्रस्तावित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र से जुड़ा रहा। ग्राम पंचायत की ओर से इस अत्यावश्यक परियोजना के लिए भूमि को औपचारिक रूप से स्वीकृत कर उपलब्ध कराया गया है। यह निर्णय दिघोरी और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह उपकेंद्र लंबे समय से चली आ रही बिजली आपूर्ति की समस्या को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस स्वीकृति के बाद उपकेंद्र का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो पाएगा, जिससे बिजली की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार होगा।

नागरिकों ने रखीं समस्याएं और सुझाव

ग्रामसभा के दौरान विभिन्न वार्डों और क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। इनमें जल आपूर्ति की कमी, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, नाली की सफाई और स्ट्रीट लाइट्स जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल थे। ग्रामीणों ने शौचालयों की सुविधा और स्वच्छता को लेकर भी अपने विचार साझा किए। सभी समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया गया।

ग्रामसभा में विशेष रूप से गांव के युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सभी ने विकास कार्यों को पारदर्शिता से करने की अपेक्षा जताई और अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। यह सहभागिता गांव के विकास के प्रति उनकी जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पुलिस की उपस्थिति और सामाजिक मुद्दे

पुलिस उपनिरीक्षक भोजराज भलावी की उपस्थिति में गांव में कानून व्यवस्था, नशामुक्ति और एक सुरक्षित वातावरण बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने ग्रामवासियों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। यह पहल गांव में सुरक्षा और सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो भंडारा जिले के दिघोरी (मोठी) की यह ग्रामसभा केवल एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि यह ग्रामीणों की सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन था। बिजली उपकेंद्र के लिए भूमि की स्वीकृति से लेकर स्वच्छता और कानून व्यवस्था पर चर्चा तक, यह ग्रामसभा एक विकसित और जागरूक गांव की नींव रख रही है।

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