
भंडारा न्यूज
PMAGY Sanction 2026: प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत भंडारा जिले के 10 ग्रामों को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जिला प्रशासन के मातहत सामाजिक न्याय विभाग को आवश्यक धनराशि उपलब्ध करा दी गई है।
अब इन ग्राम पंचायतों से विलेज डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत प्रस्तावित बजट प्राप्त होने की प्रतीक्षा की जा रही है। संबंधित ग्राम पंचायतों की ओर से बजट प्रस्तुत किए जाने के पश्चात विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी जाएगी।
योजना के प्रावधानों के अनुसार, निर्माण कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया संबंधित ग्राम पंचायतों को स्वयं अपने स्तर पर पूर्ण करनी होगी। प्रत्येक चयनित ग्राम पंचायत को निर्माण कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा प्रशासनिक कार्यों के लिए 1 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इस प्रकार, कुल 21 लाख रुपये प्रति ग्राम पंचायत की सहायता से बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति दी जाएगी।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति की अधिक आबादी वाले गांवों जहां 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या अनुसूचित जाति की है,उसे आदर्श गांवों में परिवर्तित करना है। इस योजना के अंतर्गत ऐसे गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाता है, ताकि ग्रामीणों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो सके
वित्तीय वर्ष 2022-23 में भंडारा तहसील के कोंढी और सावरी/खुट, लाखनी तहसील के मासलमेटा तथा पवनी तहसील के कन्हालगांव और धानोरी को इस योजना में शामिल किया गया था। हालांकि, उस समय इन गांवों को अपेक्षित सरकारी धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी, जिससे विकास कार्यों में देरी हुई।
अब वित्तीय वर्ष 2025-26 में पुनः इस योजना के तहत गांवों का चयन किया गया है। इसमें पवनी तहसील के कन्हालगांव, शेली/सोमनाला, वायगांव और वासेला; साकोली तहसील के केसलवाड़ा; लाखांदुर तहसील के खोलमारा; तथा लाखनी तहसील के कन्हालगांव और मेंढ़ा/पोहरा को शामिल किया गया है। इन गांवों में से 10 ग्रामों को आदर्श ग्राम बनने का अवसर प्राप्त होगा।
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वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले के 10 गांवों को इस योजना में शामिल किया गया। इनमें भंडारा तहसील के राजेगांव, उमरी/अशोकनगर, गोलेवाड़ी और टेकेपार; लाखनी तहसील के सिदीपार/मुरमाड़ी; पवनी तहसील के रेवनी/भोजापुर, चकारा, खंबाड़ी और केसलवाड़ा; तथा साकोली तहसील के जांभड़ी सड़क शामिल हैं।
इन सभी गांवों को अब आदर्श ग्राम घोषित किया जा चुका है। नई स्वीकृति के साथ, भंडारा जिले के ग्रामीण विकास को एक बार फिर नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यदि ग्राम पंचायतें समय पर योजनाबद्ध ढंग से प्रस्ताव प्रस्तुत कर कार्यों को पूरा करें, तो चयनित गांव वास्तव में आदर्श ग्राम के रूप में उभर सकते हैं।
खास बात यह है कि इस योजना को प्रारंभ किए लगभग 15 साल हो रहे है लेकिन जिल में यह योजना केवल दूसरी मर्तबा मिलने जा रही है। बताया जाता है कि भविष्य में इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा क्योंकि इस योजना का यह आखिरी साल है।






