
भंडारा जलापूर्ति योजना (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Suvarna Jayanti Nagarotthan: भंडारा शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण महाराष्ट्र सुवर्ण जयंती नगरोत्थान महाभियान के अंतर्गत 57.26 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई नई विस्तारित जलापूर्ति योजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। वर्तमान में इस परियोजना का 92 प्रतिशत भौतिक कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष कार्य को 28 फरवरी 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस योजना के पूर्ण होने से शहर की वर्षों पुरानी जलसंकट की समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी), नागपुर द्वारा क्रियान्वित इस योजना का कार्य 18 फरवरी 2019 से प्रारंभ हुआ था। अब तक परियोजना में 87 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। योजना के प्रमुख घटक कच्चे पानी का पंप हाउस, जल शुद्धीकरण केंद्र, मुख्य जलवाहिनी इन सभी का कार्य 100 प्रश पूर्ण हो चुका है।
इसके अलावा सौर ऊर्जा से संबंधित कार्य 93 प्रश पूरा हो गया है तथा अब तक 7,800 घरों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। शहर में कुल 6 जलकुंभ प्रस्तावित हैं, जिनमें से 4 का निर्माण नियोजित था। इनमें से 3 जलकुंभ पूर्ण हो चुके हैं। 12 लाख लीटर क्षमता की एक बड़ी टंकी का निर्माण स्थल विवाद के कारण रुका हुआ था, लेकिन अब यह अड़चन दूर हो गई है और जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
भंडारा शहर को कुल 6 जोनों में विभाजित किया गया है। फिलहाल 3 जोनों में नई योजना के तहत नियमित जलापूर्ति शुरू हो चुकी है। आगामी दो महीनों में 2 और जोनों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। जोन क्रमांक 6 का कार्य 12 लाख लीटर की टंकी का निर्माण पूर्ण होने के बाद शुरू किया जाएगा।
यह भी पढ़ें – मारपीट के बाद बदली ‘विजेताओं’ की लिस्ट, नागपुर में बनी रणनीति ने गड़चिरोली नप में बिठाए नए समीकरण
हालांकि परियोजना 92 प्रतिशत पूरी हो चुकी है, फिर भी कुछ तकनीकी समस्याएं बनी हुई हैं। खात रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाइपलाइन बिछाने के लिए अब तक अनुमति नहीं मिल पाई है। शहर में चल रहे सीवरेज कार्य के कारण कुछ स्थानों पर नई पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा है। पुरानी और नई जलवाहिनियों के बीच क्रॉस कनेक्शन का कार्य अभी शुरू होना बाकी है, जो सभी टंकियों के पूरी क्षमता से भरने के बाद किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, मूल रूप से परियोजना की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2025 निर्धारित थी, लेकिन तकनीकी कारणों से अब इसे बढ़ाकर 28 फरवरी 2026 कर दिया गया है। इसके बाद शहर को पूर्ण दबाव के साथ नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।






