

Mumbai News In Hindi: धर्मवीर, स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज मुंबई कोस्टल रोड (दक्षिण) परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने में अहम भूमिका निभाने वाले बीएमसी के अधिकारियों और अभियंताओं को सम्मानित किया गया।
बीएमसी मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगरानी ने सभी अधिकारियों और अभियंताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।
करीब 10.58 किलोमीटर लंबी यह कोस्टल रोड परियोजना प्रिंसेस स्ट्रीट फ्लाईओवर से लेकर वर्ली–बांद्रा सी लिंक के वर्ली छोर तक विकसित की गई है। यह परियोजना मुंबई की सबसे महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना योजनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसने शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया है।
नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस सड़क को 12 मार्च 2024 से चरणबद्ध तरीके से यातायात के लिए खोला गया था। इसके बाद 15 अगस्त 2025 से सभी लेन पूरी तरह से शुरू कर दी गईं। इससे दक्षिण मुंबई और पश्चिमी उपनगरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुगम हो गई है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मुंबई जैसे घनी आबादी वाले महानगर में यात्रा समय कम करना, ईंधन की बचत करना और वायु प्रदूषण को घटाना है। कोस्टल रोड के शुरू होने से ट्रैफिक का दबाव भी आंतरिक सड़कों से कम हुआ है।
आयुक्त भूषण गगरानी ने कहा कि यह परियोजना बीएमसी की तकनीकी दक्षता, समन्वय और कार्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड ने मुंबई की शहरी परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा दी है और भविष्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए मानक स्थापित किया है।
इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे, उप आयुक्त प्रशांत गायकवाड, उप आयुक्त (आधारभूत सुविधा) गिरीश निकम, प्रमुख अभियंता मत्तय्या स्वामी, सहायक आयुक्त शंकर भोसले सहित परियोजना से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे।