
बीड जीएसटी अधिकारी सचिन जाधवर की पत्नी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Beed GST Officer Suicide Case: महाराष्ट्र के बीड जिले में पिछले सप्ताह कार में मृत पाए गए जीएसटी अधिकारी सचिन जाधवर के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। परिजनों के भारी विरोध और पत्नी द्वारा कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद, पुलिस ने अंततः विभाग के सहायक आयुक्त के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मृतक अधिकारी की पत्नी, मयूरी जाधवर ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शुक्रवार को बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कंवत से मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि सचिन पिछले काफी समय से विभाग में मानसिक शोषण का सामना कर रहे थे। मयूरी का आरोप है कि यह प्रताड़ना केवल दफ्तर तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनके निजी जीवन को भी प्रभावित करने की कोशिश की गई थी।
मयूरी जाधवर ने चौंकाने वाले खुलासे करते हुए कहा, “हमारे बेटे को स्कूल से अगवा करने का प्रयास किया गया था। इतना ही नहीं, कार्यालय के बाहर मेरे पति की गाड़ी को जानबूझकर टक्कर मारी गई और उन्हें अपशब्द कहे गए।” उनका दावा है कि ये सभी घटनाएं सचिन को मानसिक रूप से तोड़ने के एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा थीं, ताकि वे दबाव में आकर कोई आत्मघाती कदम उठा लें।
सचिन जाधवर 17 जनवरी को धुले-सोलापुर राजमार्ग पर अपनी कार में मृत पाए गए थे। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था, जिसमें काम के दबाव और विभागीय मुद्दों का जिक्र था। हालांकि, परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर उन्हें वह सुसाइड नोट क्यों नहीं दिखाया जा रहा है? परिवार ने एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी पर भी कड़ी आपत्ति जताई।
न्याय की मांग को लेकर जाधवर परिवार के सदस्यों ने शुक्रवार को बीड ग्रामीण पुलिस थाने के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सुसाइड नोट में नामजद सभी व्यक्तियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद ही आंदोलन खत्म हुआ।
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देर रात कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने सचिन की पत्नी की शिकायत के आधार पर बीड जीएसटी सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) दिलीप फाटे के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
यह मामला सरकारी विभागों में बढ़ते वर्क प्रेशर और आंतरिक राजनीति की ओर भी इशारा करता है। एक होनहार अधिकारी का इस तरह से दुनिया छोड़ जाना कई सवाल खड़े करता है। क्या वाकई कार्यस्थल का माहौल इतना जहरीला था कि सचिन के पास और कोई रास्ता नहीं बचा? पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।






