लाडकी बहिन योजना: e-KYC में गड़बड़ी से बंद हुए लाभ, वर्धा में पात्र महिलाओं की जांच के लिए लगेंगे शिविर

Wardha News: ई-केवायसी में गलत विकल्प से बंद हुए लाडली बहन योजना के लाभ पर राहत, पात्र महिलाओं की पुनः जांच और लाभ बहाली के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
Ladki Behen Yojana: Benefits suspended due to e-KYC glitches; camps to be set up in Wardha to screen eligible women
लाडकी बहिन योजना(सोर्सः नवभारत)
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Wardha District News: लाडकी बहिन योजना के तहत पात्र महिलाओं की ई-केवायसी करते समय गलत विकल्प चुने जाने के कारण कई महिलाओं का लाभ बंद हो गया है। हालांकि, जिले में कोई भी पात्र महिला अन्याय का शिकार न हो, इसका ध्यान रखा जाए। सरकार के निर्देशानुसार, लाभबंद हुए प्रत्येक लाभार्थी के आवेदन की पुनः जांच की जाए और उन्हें लाभ फिर से शुरू करने के प्रयास किए जाएं, इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश पालक मंत्री डॉ.  पंकज भोयर ने दिए।

ई-केवायसी में विकल्पों के चयन में गड़बड़ी के कारण कई महिलाओं का लाभ बंद हो गया है। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने जिलाधिकारी कार्यालय में समीक्षा बैठक की और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने यह निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी वान्मथी सी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण, जिला महिला और बाल विकास अधिकारी मनीषा कुरसंगे तथा जिले के सभी पर्यवेक्षक उपस्थित थे।

लाडली बहिन योजना के लिए जिले में 3 लाख 20 हजार महिलाओं के ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 2 लाख 99 हजार महिलाएं पात्र पाई गई थीं। इसके बाद की जांच में 35 हजार महिलाएं अपात्र पाई गईं। जिससे ई-केवायसी से पहले जिले में 2 लाख 88 हजार 111 महिलाएं लाभ के लिए पात्र थीं। कुछ दिन पहले हुई ई-केवायसी में गलत विकल्प चुने जाने के कारण कई महिलाएं अपात्र हो गई हैं। ऐसे सभी महिलाओं के आवेदन की पुनः जांच और पुनः ई-केवायसी करने के निर्देश पालक मंत्री ने बैठक में दिए।

राज्यस्तर से ई-केवायसी के कारण अपात्र हुई महिलाओं की सूची जिले को प्राप्त होने वाली है। उस सूची के अनुसार प्रत्येक तहसीलों को यह जानकारी दी जाएगी। ग्राम स्तर पर अपात्र महिलाओं की पुनः जांच की जाएगी और इसके लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस काम के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को नियुक्त किया गया है। शहरी क्षेत्रों के लिए नप कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएंगी। महिला और बाल विकास के पर्यवेक्षकों को इस कार्य पर रोजाना निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है और संबंधित गटविकास अधिकारी को पुनः जांच का काम समय सीमा में पूरा करने के लिए कहा गया है।

आधार कार्ड व मोबाइल नंबर जमा करें महिलाएं

ई-केवायसी में महिलाओं के आवेदन खारिज हो गए हैं, लेकिन पुनः जांच के बाद वे फिर से पात्र हो सकती हैं। इसलिए लाभ बंद होने वाली महिलाएं डरें नहीं। उन्हें अपने आधार कार्ड और मोबाइल नंबर आंगनवाड़ी सेविकाओं को जमा करने का आग्रह पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर ने किया है।

रिक्त पदों को भरने के लिए आयुक्त को पत्र

जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यवेक्षकों के पद रिक्त हैं। शहरी क्षेत्रों के पर्यवेक्षकों के लिए प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों के पर्यवेक्षक आंगनवाड़ी सेविकाओं से भरे जाते हैं, लेकिन इसके लिए पात्र सेविकाओं को आदेश नहीं दिए गए हैं, जिसके कारण ये पद भी रिक्त हैं। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इन रिक्त पदों को तत्काल भरे जाने के लिए पालकमंत्री डॉ। पंकज भोयर ने महिला और बाल विकास आयुक्त को उनके स्वाक्षरी के साथ पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं।