
प्रतीकात्मत तस्वीर ( सोर्स :सोशल मीडिया )
Sambhajinagar Festival Hindi News: छत्रपति संभाजीनगर गणेश जयंती पर समर्थ नगर स्थित वरद गणेश मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय 31 कुंडात्मक गणेश यज्ञ का शुभारंभ ‘ॐ गं गणपतये नमः’ के मंत्रोच्चार के साथ भक्ति भावपूर्ण वातावरण में हुआ।
31 यज्ञ कुंडों के चारों व 62 यजमान विराजमान थे, जिन्होंने लगातार 6 घंटे में 21 आवर्तन पूर्ण कर तीन दिवसीय गणेश यज्ञ का विधिवत श्रीगणेशा किया। मंदिर में विराजमान संगमरवरी वरद गणेश की श्वेत मूर्ति को स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया था।
स्वर्ण सिंहासन, मुकुट, सूंड, हाथों के आभूषण व मोदक ने मूर्ति की शोभा को और बढ़ा दिया। दिनभर बड़ी संख्या में भक्तों ने गणपति बप्पा के दर्शन किए। वरद गणेश मंदिर व समर्थ राम मंदिर के पीछे के क्षेत्र में यज्ञ कुंड तैयार किए गए थे।
यहां विविध देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजन व्यवस्था की गई। इससे पूर्व क्षेत्र में पालकी शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा। यज्ञ सुबह 8:30 बजे शुरू हुआ व दोपहर 2:30 बजे संपन्न हुआ।
बुधवार को सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक यज्ञ संपन्न होगा। सज्जनगढ़ के भूषण महारुद्र स्वामी महाराज की ओर से पूर्णाहुति की जाएगी। यह कार्यक्रम पंकज खोड़ेगांवकर के मार्गदर्शन में व गजानन जोशी व न्यूष देशपांडे के पौरोहित्य में संपन्न हो रहा है।
गणेश यज्ञ सुख-समृद्धि, विघ्नों के निवारण व मंगल कामनाओं की पूर्ति के लिए किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण वैदिक यज्ञ है। इसमें मंत्रोच्चार के साथ अग्नि में दुर्वा, मोदक, घी व समिधा की आहुति देकर गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है।
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यज्ञ में संकल्प, आवाहन, पूजा व हवन का समावेश होता है। कुछ स्थानों पर यह यज्ञ एक दिन का जबकि कई मंदिरों में तीन दिनों तक संपन्न किया जाता है।






