Sambhajinagar: जिले में सड़क दुर्घटनाओं को शून्य पर लाने की तैयारी, सभी विभागों को निर्देश

भारत सरकार के सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने Sambhajinagar को ‘शून्य दुर्घटना मृत्यु जिला अभियान’ के लिए चुना है। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य तक लाने निर्देश दिए गए हैं।
भारत सरकार के सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने Chhatrapati Sambhajinagar को ‘शून्य दुर्घटना मृत्यु जिला अभियान’ के लिए चुना है। केंद्र सरकार द्वारा किए गए सर्वेक्षण में देश के 100 ऐसे जिलों का चयन किया गया है जहाँ सड़क दुर्घटना में मृत्यु दर अधिक है।
शून्य दुर्घटना मृत्यु जिला अभियान (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar: भारत सरकार के सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 'शून्य दुर्घटना मृत्यु जिला अभियान के लिए छ। संभाजीनगर जिले का चयन किया है। इस पहल के तहत जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को शून्य तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।

जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने इस मामले में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सभी विभागों को प्रभावी व समन्वित उपाय लागू करने के निर्देश दिए। बैठक जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित की गई थी।

इस बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ। विनय कुमार राठौड़, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विजय काठोले, शहर यातायात विभाग की पुलिस उपायुक्त शर्मिष्ठा वालावलकर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ। अभय धानोरकर, चिकित्सा अधिकारी डॉ। महेश लढ्ढा, अधीक्षक अभियंता एसएस भगत, कार्यकारी अभियंता शेषराव चव्हाण तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।

भारत सरकार की ओर से किए गए एक सर्वेक्षण के माध्यम से देश के उन 100 जिलों का चयन किया गया है जहां सड़क दुर्घटना में सबसे अधिक मौतें होती हैं। इन जिलों में दुर्घटना मृत्यु दर को शून्य पर लाने का लक्ष्य रखा गया है, इसमें छ संभाजीनगर जिला भी शामिल है।

वर्ष 2024 में जिले में हुई 373 दुर्घटनाएं

सेव्ह लाईफ फाउंडेशन का सर्वे के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में 373 दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 468 लोगों की मृत्यु हुई। वर्ष 2025 में अब तक 403 दुर्घटनाएं हुई व 508 लोगों की जानें गईं। इन आंकड़ों को देखते हुए दुर्घटनाएं रोकने व घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा वाहन चालकों की ओर से नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करने के बारे में चर्चा हुई। जिलाधिकारी स्वामी ने कहा कि, 'सडक दुर्घटनाओं में मृत्यु दर अधिक होना जिले के लिए गौरव की बात नहीं है।

इसे शून्य पर लाने के लिए प्रत्येक विभाग को अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता से निभानी होगी। वाहन चालकों की स्वास्थ्य जांच व काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएं। दिवाली अवकाश के दौरान स्कूली बस चालकों की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच करें ट्रक व बस चालकों के लिए भी समूहवार जांच व समुपदेशन कार्यक्रम चलाए जाएं। दुर्घटना अन्य क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड, एम्बुलेंस व चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाए तथा जनजागृति अभियान चलाए।

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