प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Pension Deduction Aurangabad Bench: छत्रपति संभाजीनगर पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन से की जा रही कम्युटेशन (पेंशन अग्रिम) कटौती तत्काल बंद करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर औरंगाबाद खंडपीठ ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक व जलगांव के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ता सुभाष तोड़कर सहित अन्य कर्मी वर्ष 2009 से 2013 के बीच सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के समय उन्होंने कम्यूटेशन के तहत एकमुश्त राशि ली थी, जिसकी कटौती उनकी पेंशन से शुरू की गई। महाराष्ट्र सिविल सर्विसेस (कम्युटेशन ऑफ पेंशन) नियम, 1984 के नियम 8-A के अनुसार 15 वर्षों के बाद कम्युटेशन की कटौती बंद होना अनिवार्य है।
बावजूद इसके कटौती जारी रखी गई है। कम्युटेशन की कटौती 12 वर्ष बाद बंद करने की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने विभिन्न स्तरों पर कई बार ज्ञापन दिए, पर कोई निर्णय नहीं लिए जाने पर याचिकाकर्ताओं ने एड। विष्णु पाटिल के जरिए उच्च न्यायालय की खंडपीठ में याचिका दायर की।
सुनवाई के दौरान एड. पाटील ने न्यायालय का ध्यान इस ओर दिलाया कि पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय व केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने वर्ष 2024 में 15 वर्ष बाद की जा रही कम्युटेशन कटौती पर स्थगनादेश दिया है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने 5 सितंबर 2024 को जारी परिपत्र में जिन कर्मियों की सेवानिवृत्ति को 11 वर्ष 3 माह पूरे हो चुके हैं, उनकी पेशन से कम्युटेशन कटौती बंद करने के निर्देश दिए हैं।
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इसके अलावा उच्च न्यायालय ने वर्ष 2025 में एक अन्य याचिका के निर्णय में जिन कर्मियों की सेवानिवृति को 12 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उनकी कम्युटेशन कटौती बंद करने के अंतरिम आदेश देने का पक्ष न्यायालय के सामने रखा, कोर्ट में याचिका पर सुनवाई की गई।