Sambhajinagar News : अब छात्राओं से फीस वसूलने पर प्राचार्यों पर होगी सीधी कार्रवाई, रणजीतसिंह निंबालकर की चेतावनी

राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षण शुल्क और परीक्षा शुल्क में 100 प्रतिशत रियायत लागू की है।
अब छात्राओं से फीस वसूलने पर प्राचार्यों पर होगी सीधी कार्रवाई
अब छात्राओं से फीस वसूलने पर प्राचार्यों पर होगी सीधी कार्रवाई (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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छत्रपती संभाजीनगर: राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षण शुल्क और परीक्षा शुल्क में 100 प्रतिशत रियायत लागू की है। डॉ. रणजीतसिंह निंबालकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि फिर भी, कुछ कॉलेजों द्वारा विद्यार्थियों से शुल्क वसूले जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसलिए, यदि विद्यार्थियों से आगे कोई शिक्षण शुल्क वसूला जाता है, तो संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करके सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से मुफ्त शिक्षा योजना लागू की है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की लड़कियों को ट्यूशन फीस और परीक्षा शुल्क पर 100 प्रतिशत सब्सिडी मिल रही है।

पात्र लाभार्थी छात्रों से ट्यूशन फीस

यह रियायत राज्य के सरकारी कॉलेजों, सरकारी सहायता प्राप्त, स्थायी गैर-सहायता प्राप्त कॉलेजों, तकनीकी कॉलेजों, सार्वजनिक विश्वविद्यालयों, सरकारी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के तहत व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए लागू है। इन छात्रों की फीस सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति की जाएगी। इसलिए, समय-समय पर सभी कॉलेजों को निर्देश दिए गए हैं कि छात्रों से कोई फीस नहीं ली जानी चाहिए। फिर भी, ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि कुछ संस्थान और कॉलेज प्रवेश के समय पात्र लाभार्थी छात्रों से ट्यूशन फीस ले रहे हैं।

फीस वसूलने पर रोक

इस पृष्ठभूमि में, संभागीय शिक्षा संयुक्त संचालक डॉ. रणजीतसिंह निंबालकर ने सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को पत्र भेजकर इस तरह की फीस वसूलने पर रोक लगा दी है। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि विद्यार्थियों की ओर से इस तरह से फीस वसूलने की शिकायत मिली तो प्राचार्यों पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

समिति के माध्यम से जनजागृति के आदेश

लड़कियों के लिए नि:शुल्क उच्च शिक्षा योजना का सख्ती से क्रियान्वयन किया जाना चाहिए। इसके लिए कॉलेज के सामने वाले हिस्से में नोटिस बोर्ड पर योजना की जानकारी इस तरह से प्रदर्शित की जानी चाहिए कि सभी छात्राएं इसे देख सकें। साथ ही, लड़कियों के लिए नि:शुल्क शिक्षा योजना के बारे में जनजागृति लाने के लिए प्रवेश समिति नियुक्त की जानी चाहिए और उनके माध्यम से लड़कियों को जानकारी देने की कार्रवाई की जानी चाहिए, ऐसा संयुक्त निदेशक निंबालकर ने पत्र में कहा है।

मराठवाड़ा में लाभार्थी छात्र

(वर्ष 2024-25)

विभाग गैर-व्यावसायिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम

संभाजीनगर 12763 780

नादिद 7900 1700

कुल 20663 2480

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