Sambhajinagar: रेल दोहरीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू, नागरिकों ने स्थल पर किया मुआयना

Sambhajinagar-परभणी रेल दोहरीकरण के लिए दक्षिणी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हुई। नागरिकों ने स्थल का निरीक्षण कर स्पष्ट जानकारी की मांग की। अधिसूचना के बाद आपत्तियां दर्ज की जा सकेगी।
Chhatrapati Sambhajinagar-Parbhani
छत्रपति संभाजीनगर से परभणी (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Chhatrapati Sambhajinagar News: छत्रपति संभाजीनगर से परभणी मार्ग के रेल दोहरीकरण काम को गति देने के लिए रेलवे मंत्रालय ने दक्षिणी हिस्से में जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की है। इसमें सातारा, शहानूरवाड़ी, मुस्तफाबाद, देवलाई, मुकुंदवाड़ी व करमाड़ परिसर के कुछ हिस्सों का समावेश होने की खबर है।

संभ्रम की स्थिति के बीच नागरिकों ने रविवार, 23 दिसंबर को उस स्थल का भेंट दो, जहां रेलवे का निर्माण कार्य जारी था। स्थानीय प्रतिनिधियों से आवश्यक जानकारी भी ली। मुआयना करने वालों में प्रमुख रूप से डॉ। प्रशांत अवसरमल, ब्रह्मानंद चक्करवार, कपिल मालाणी संग परिसर के नागरिकों का समावेश था।

नागरिकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि रेलवे प्रशासन की अधिसूचना में क्या कहा गया है, कौनसे क्षेत्रों का भूसंपादन किया जाएगा, इसकी विस्तारपूर्वक जानकारी उन्हें मिलनी चाहिए, नागरिकों से संवाद साधते समय डॉ। अवसरमल ने भूसंपादन के बारे में महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया।

उनका कहना था कि रेलवे मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार संपूर्ण सर्वे नंबर संपादित करने की कोई योजना नहीं बनाई गई है। उनका मत था कि सिर्फ दक्षिणी क्षेत्र का सीमित हिस्सा भूसंपादन के दायरे में आएगा, वहीं नागरिकों का कहना था कि जिलाधिकारी कार्यालय और भूमि अभिलेख विभाग की ओर से कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से नागरिकों की अस्वस्थता और गलतफहमियां बड़े पैमाने पर दूर हो गई हैं।

अधिसूचना जारी होने पर आपत्तियों का मिलेगा मौका

छत्रपति संभाजीनगर से परभणी मार्ग के रेल दोहरीकरण काम को गति देने के लिए रेल प्रशासन शीघ्र ही अधिसूचना (गजट) जारी किया जाएगा, इसके बाद प्रभावित नागरिक आपत्तियां, उचित सूचना और दस्तावेज पेश करने का अवसर मिलेगा। इसलिए किसी को डरने की जरूरत नहीं है। - डॉ प्रशांत अवसरमल

अधिकार व विकास के बीच संतुलन जरूरी

नागरिकों ने कहा कि वे रेलवे के विकास व मार्ग के दोहरीकरण के पक्षधर हैं। हालांकि, उनके अधिकार व विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। यदि विकास कार्यों के चलते नागरिकों को कोई दिक्कतें पेश आती हैं, तो संबंधित समिति उचित आपत्तियां दर्ज कराने के साथ ही उचित मदद भी करेगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com