municipal water department (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Water Crisis: छत्रपति संभाजीनगर शहर की प्रमुख जायकवाड़ी यांत्रिक जलापूर्ति योजना गुरुवार देर रात अचानक ठप हो गई, जिससे पूरे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई। नवनिर्मित जायकवाड़ी पंपगृह में एक के बाद एक तकनीकी खराबियां सामने आने से कई घंटों तक पानी की आपूर्ति बाधित रही। महानगरपालिका प्रशासन को आपात स्थिति में मरम्मत कार्य करना पड़ा।
गुरुवार रात 12 बजकर 45 मिनट पर पंप क्रमांक 01 के मोटर केबल कनेक्शन में खराबी आने से ट्रिपिंग हुई। केबल फटने के कारण अर्थ फॉल्ट हुआ और सुरक्षा कारणों से पूरे पंपगृह की पंपिंग बंद करनी पड़ी। इसके चलते शहर की जलापूर्ति तत्काल रुक गई।
घटना के बाद महानगरपालिका कर्मचारियों ने सभी इनकमर पैनल और विद्युत उपकेंद्र की जांच की। जांच में पंप क्रमांक 01 का मोटर केबल पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाया गया। साथ ही महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण द्वारा हाल ही में लगाए गए 422 अश्वशक्ति और 375 अश्वशक्ति क्षमता वाले पंपों के कैपेसिटर भी जले हुए मिले।
पंप क्रमांक 01 को आइसोलेट कर विद्युत आपूर्ति बहाल की जा रही थी, इसी दौरान 1600 केवीए ट्रांसफार्मर क्रमांक 02 में एक्सप्लोजन वेंट से तेल बाहर निकल आया, जिससे ट्रांसफार्मर पूरी तरह निष्क्रिय हो गया। तत्पश्चात ट्रांसफार्मर क्रमांक 02 को आइसोलेट कर ट्रांसफार्मर क्रमांक 03 पर लोड स्थानांतरित किया गया।
ढोरकिन क्षेत्र में क्षतिग्रस्त 1200 मिमी मुख्य पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। कार्य पूर्ण होते ही जलापूर्ति पूर्ववत शुरू की जाएगी। तकनीकी खराबियों के कारण गुरुवार को 900 डबल्ली योजना के अंतर्गत लगभग 3 घंटे 45 मिनट तक जलापूर्ति पूरी तरह बंद रही।
इसके अलावा ट्रांसफार्मर कनेक्शन और हैमिंग प्रक्रिया के दौरान केवल तीन पंप सीमित समय तक चालू रह सके, जिससे शहर को पूर्ण क्षमता से पानी नहीं मिल सका। महानगरपालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अस्थायी असुविधा को ध्यान में रखते हुए संयम बरतें और प्रशासन को सहयोग करें। मरम्मत कार्य पूर्ण होते ही जलापूर्ति सामान्य करने का आश्वासन दिया गया है।
1200 मिमी की मुख्य पाइपलाइन बंद होने के कारण पूरे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। सिडको, हडको सहित अनेक नई आवासीय कॉलोनियों में पानी की गंभीर किल्लत उत्पन्न हो गई है। वर्तमान में 700 और 900 मिमी पाइपलाइनों के माध्यम से केवल पुराने शहर के कुछ हिस्सों में ही सीमित मात्रा में जलापूर्ति की जा रही है। इस कारण अन्य क्षेत्रों में जलापूर्ति के निर्धारित चरण प्रभावित होने की संभावना है। कुछ इलाकों में पानी की आपूर्ति एक दिन, तो कुछ क्षेत्रों में दो दिन तक आगे बढ़ाई जा सकती है।
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इस बीच रेलवे स्टेशनसे जुबिली पार्क स्थित जलकुंभ को पानी पहुंचाने वाली 750 मिमी व्यास की जलवाहिनी का एक हिस्सा सिद्धार्थ उद्यान के सामने नाले में जंग लगने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे पाइपलाइन फटने, पानी के रिसाव और गंदे पानी के पेयजल में मिल जाने की आशंका उत्पन्न हो गई थी। सावधानी के तौर पर क्षतिग्रस्त पुराने पाइप को हटाकर लगभग चार मीटर लंबा नया पाइप लगाया गया है। साथ ही उस स्थान पर नया वाल्व भी स्थापित किया गया। मरम्मत का कार्य बुधवार रात दो बजे तक जारी रहा।