Chhatrapati Sambhajinagar Mayor Election (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Mayor Election: लगभग छह वर्षों के प्रशासनिक शासन के बाद अब छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका में एक बार फिर जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व का दौर शुरू होने जा रहा है। आगामी 10 फरवरी को शहर को नया महापौर मिलने वाला है। इस महत्वपूर्ण अवसर को लेकर मनपा प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
नई प्रशासनिक इमारत में बने अत्याधुनिक सभागृह में आयोजित विशेष सामान्य सभा के माध्यम से शहर के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। गौरतलब है कि 28 अप्रैल 2020 को तत्कालीन नगरसेवकों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद मनपा का प्रशासन प्रशासक के हाथों में चला गया था। इसके बाद हाल ही में संपन्न हुए आम चुनावों के माध्यम से पहली बार नए नगरसेवक चुने गए हैं।
बहुमत के आधार पर भाजपा सत्ता गठन के अंतिम चरण में है। महापौर एवं उपमहापौर के चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। महापौर पद की गरिमा के अनुरूप सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके तहत महापौर के लिए नया गाउन और नया राजदंड भी तैयार कराया गया है।
मनपा के इतिहास में सामान्य सभा का विशेष महत्व रहा है। महापौर की अध्यक्षता में होने वाली प्रत्येक सभा का साक्षी चोपदार होता है, जिसकी भूमिका परंपरागत और निर्णायक मानी जाती है। वर्तमान में प्रकाश राजपूत मनपा में चोपदार के रूप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2018-19 से यह जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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इससे पहले लगभग चार दशकों तक सेवा देने वाले चोपदार यूनुस सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सामान्य सभा के दौरान महापौर की कुर्सी के समीप रखा जाने वाला राजदंड सत्ता और अधिकार का प्रतीक माना जाता है। पूर्व में कई बार हंगामे के दौरान विपक्ष द्वारा राजदंड ले जाने की घटनाएं सामने आई थीं। इस बार राजदंड के चारों ओर कांच का सुरक्षित आवरण लगाया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।