Mumbai-Pune Expressway पर खतरे वाले ब्लैक स्पॉट चिन्हित, पत्थर गिरने से बचाव के लिए शुरू हुआ बड़ा काम
Mumbai-Pune National Highway पर कात्रज सुरंग से नवले ब्रिज के बीच भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए एनएचएआई ने व्यापक सुरक्षा कार्य शुरू किए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
पुणे मुंबई हाईवे लैंडस्लाइड प्रिवेंशन (सौ. सोशल मीडिया )
Navale Bridge Black Spot Safety: मुंबई-पुणे राष्ट्रीय महामार्ग (एनएच-48) पर कात्रज सुरंग से नवले ब्रिज के बीच भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने व्यापक सुरक्षा कार्य शुरू किए हैं।
यह इलाका पहाड़ी और ढलान वाला होने के कारण खासकर मानसून के दौरान जोखिमपूर्ण बन जाता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा चुनौती बनती रही है।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित, तकनीकी सर्वे पूरा
एनएचएआई द्वारा किए गए विस्तृत सर्वेक्षण में कई ऐसे स्थानों की पहचान की गई है जहां चट्टानों में दरारें और ढलानों पर कमजोरी देखी गई। इन संवेदनशील जगहों को ब्लैक स्पॉट घोषित कर विशेष तकनीकी उपाय लागू किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं की संभावना कम की जा सके।
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भूस्खलन रोकने के लिए आधुनिक तकनीक
अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन और मलबा गिरने से रोकने के लिए कंक्रीटीकरण, शॉटक्रीट तकनीक, सॉयल नेलिंग, स्टोन पिचिंग और फॉर्मवर्क जैसे इंजीनियरिंग उपाय किए जा रहे हैं। इसके अलावा पहाड़ी ढलानों पर मजबूत लोहे की जालियां लगाई जा रही हैं ताकि पत्थर सीधे सड़क पर न गिरें और यातायात सुरक्षित बना रहे।
मानसून में बढ़ता था खतरा
भारी बारिश के दौरान इस मार्ग पर मलबा गिरने की घटनाओं से अक्सर ट्रैफिक बाधित होता था और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। सुरक्षा कार्य पूरे होने के बाद ऐसे जोखिमों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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वाहन चालकों को सावधानी की अपील
एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि यह काम लगभग एक महीने तक चलेगा। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात धीमा हो सकता है। प्रशासन ने वाहन चालकों से गति सीमा का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है, ताकि कार्य के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना से बचा जा सके।
