Fake Divyang Certificate पर गिरेगी गाज – सचिव तुकाराम मुंडे का बड़ा फैसला

Maharashtra के दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव तुकाराम मुंडे ने दिव्यांगजनों के लिए एक अहम फैसला लिया है। जिसमें उन्होंने कहा जिला परिषद दिव्यांगजन कर्मचारियों के प्रमाणपत्र का वेरिफिकेशन किया जाएगा।
Maharashtra के दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव तुकाराम मुंडे ने दिव्यांगजनों के लिए एक अहम फैसला लिया है। जिसमें उन्होंने जानकारी दी है कि जिला परिषद दिव्यांगजन कर्मचारियों के प्रमाणपत्र का वेरिफिकेशन किया जाएगा।
तुकाराम मुंडे (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: राज्य के दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव तुकाराम मुंडे ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जिला परिषद में दिव्यांग कर्मचारियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन करने का आदेश दिया है।

इस संदर्भ में, जिला परिषद को संबंधित परिपत्र प्राप्त हो गया है। सोमवार 22 सितंबर से विभिन्न विभागों में दिव्यांग कर्मचारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित ने यह जानकारी दी। राज्य भर में फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्रों का प्रचलन बढ़ रहा है। कई लोग इस आधार पर सरकारी नौकरियों और योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए, सचिव तुकाराम मुंडे ने कार्यभार संभालते ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ चर्चा की।

इस बैठक में उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र धारकों को जड़ से उखाड़ने के स्पष्ट आदेश दिए। इस संदर्भ में, जिला परिषद ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी है। सभी विभाग प्रमुखों को दिव्यांग कर्मचारियों के प्रमाणपत्रों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें शिक्षक, गैर-शिक्षा कर्मचारी और अन्य सभी विभागों के कर्मचारी शामिल हैं।

अपात्रों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई

सीईओ अंकित ने कहा है कि यूडीआईडी कार्ड अनिवार्य है, न्यूनतम 40% विकलांगता आवश्यक है। 40% से कम विकलांगता होने पर भी लाभ लेने पर कार्रवाई अवश्यंभावी है। जांच में अपात्र पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की जालसाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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