कोहिनूर कॉलेज मामला: Bombay High Court ने कॉलेज संचालन का जिम्मा प्राचार्य को सौंपा

Bombay High Court की औरंगाबाद बेंच ने कोहिनूर कॉलेज को सामान्य रूप से जारी रखने के फैसले को बरकरार रखा है। याचिका पर अगली सुनवाई नवंबर के तीसरे सप्ताह में होने की उम्मीद की जा रही है।
Bombay High Court
बॉम्बे हाई कोर्ट (सौजन्य सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने विश्वविद्यालय समिति के कोहिनूर कॉलेज को सामान्य रूप से जारी रखने व सिर्फ प्रधानाचार्य की ओर से ही कॉलेज के बैंक खाते का संचालन करने के विश्वविद्यालय समिति के निर्देश जारी करने का फैसला बरकरार रखा।

याचिका पर अगली सुनवाई नवंबर के तीसरे सप्ताह में होने की संभावना है। कोहिनूर एजुकेशन इन्स्टीट्यूट के अध्यक्ष मजहर खान व सचिव अस्मा खान के संस्था पर ताला जड़ने के बाद विद्यार्थी, प्राद्यापक व शिक्षकेत्तर कर्मियों को बाहर रहने की नौबत आई थी। इस पर न्या मनीष पितले व न्या वाईजी खोब्रागड़े ने डॉ बाबासाहब आंबेडकर मराठवाड़ा विवि व शिक्षण विभाग के सहसंचालक को उत्तर पेश करने का आदेश दिया था।

संयुक्त निदेशक को प्राचार्य के साथ मिलकर महाविद्यालय के संचालन के लिए एक प्रतिनिधि नियुक्त करने का निर्देश दिया गया। स्थानीय पुलिस थाने को कॉलेज को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही स्थानीय पुलिस थाना, प्राचार्य व संयुक्त निदेशक को क्षेत्र का पंचनामा करने का भी आदेश दिया गया। इसके अलावा खंडपीठ ने प्राचार्य व नियुक्त प्रतिनिधियों को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश देते हुए संस्थाध्यक्ष मजहर खान व सचिव अस्मा खान को महाविद्यालय में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।

प्राचार्य व प्राध्यापकों के निलंबन पर लगी रोक

हाईकोर्ट ने संस्था प्रबंधन की ओर से जारी प्रभारी प्राचार्य व प्राध्यापकों के निलंबन-पत्र पर रोक लगाकर 'उच्च न्यायालय ने दिए गए निर्देशों का पालन करने का दायित्व राज्य सरकार पर सौंपा है। उप-प्राचार्य कमरुनिसा व प्रो। प्रज्ञा काले ने एड। शंभूराजे देशमुख के जरिए संस्था के खिलाफ याचिका दायर की है। कुल 75 में से 67 कर्मियों ने भी संस्थाध्यक्षों के खिलाफ याचिका दाखिल की है।

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