
अमरावती मनपा श्रीचंद तेजवानी तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया)
Amravati Municipal Corporation Budget: मनपा की आर्थिक स्थिति को देखते हुए विकास कार्यों की योजना मनपा की आय और शासन से मिलने वाले निधि के संतुलन के साथ ही तैयार की जाएगी। आय कम और खर्च अधिक होने की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी, इस पर विशेष ध्यान रहेगा, यह स्पष्ट किया शहर के नवनिर्वाचित महापौर श्रीचंद तेजवानी ने। महापौर तेजवानी ने कहा कि मनपा की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए संपत्ति कर, विज्ञापन शुल्क, बाजार परवाना, व्यापारी संकुलों के किराए में वृद्धि जैसे आय के स्रोतों पर प्राथमिकता से काम करना होगा।
शासन से प्राप्त निधि और मनपा की स्वयं की आय का समन्वय कर ही विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि 16 वें महापौर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद बीते चार वर्षों से मनपा का प्रशासन प्रशासकों के हाथों में था। इस दौरान लंबित बुनियादी सुविधाओं और शहर की समस्याओं का समाधान सभी दलों को साथ लेकर प्राथमिकता से किया जाएगा, उसके बाद ही नए विकास कार्यों पर हाथ डाला जाएगा।
महापौर ने कहा कि पार्षदों के अभाव में शहर की कई मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। सबसे पहले स्वच्छता पर ध्यान देना आवश्यक है। शहर में नियमित रूप से कचरा उठाने की व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी। साथ ही, निधि के अभाव में रुके हुए विकास कार्यों को भी गति दी जाएगी। पुराने विकास कार्यों की देखरेख और मरम्मत के साथ नए कार्यों को आगे बढ़ाना निगम की दोहरी जिम्मेदारी है। सवा साल के कार्यकाल में जितना संभव होगा, उतना कार्य करने का संकल्प उन्होंने व्यक्त किया।
शहर में कई ऐसे प्रकल्प हैं जो तकनीकी कारणों, अधूरे कार्य या निधि के अभाव में अटके हुए हैं। पहले से शुरू किए गए और अधूरे प्रकल्पों को पूर्ण करना प्राथमिकता रहेगी। हाथ में मौजूद प्रकल्प पूरे किए बिना नए प्रकल्प शुरू नहीं किए जाएंगे, ऐसा महापौर तेजवानी ने कहा।
महापौर तेजवानी ने कहा कि वे किसी को पराजित कर नहीं, बल्कि जनता द्वारा चुने गए है। वे जनता के बीच रहकर काम करना पसंद करेंगे और अमरावती महापौर बंगले में निवास नहीं करेंगे। उनके लिए राजनीति से अधिक समाजसेवा महत्वपूर्ण है और कार्यकाल में किसी भी प्रकार का राजनीतिक द्वेष नहीं रखा जाएगा।
यह भी पढ़ें:- वर्धा के बोर बाघ परियोजना में दूसरी बार अंडों से चूजों के निकलने की पुष्टि ‘ग्रे-हेडेड फिश ईगल’ का सफल प्रजनन
राज्य ही नहीं, बल्कि शहर में भी सिंधी समाज का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलने पर महापौर तेजवानी ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा सिंधी समाज को पहली बार महापौर पद देने से उन्हें विशेष सम्मान और आनंद की अनुभूति हई है, उन्होंने पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त किया।
1952 में श्रीचंद तेजवानी परिवार पाकिस्तान के लरकाना (जिला नशिराबाद) से भारत आया। आरंभ में कटनी और बाद में अमरावती के बडनेरा कैंप में बसाया गया। आर्थिक परिस्थितियों के कारण श्रीचंद तेजवानी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके और 11वीं के बाद व्यवसाय में प्रवेश किया। किराना दुकान से लेकर वीसीआर लाइब्रेरी, केबल और मोबाइल शॉप तक का उनका व्यावसायिक सफर रहा। परिवार सहित सामाजिक जीवन में सक्रिय रहते हुए वे पहली बार 2017 में पार्षद और अब शहर के महापौर बने हैं।






