चिकलथाना पुनर्वास अधर में, कलेक्टर कार्यालय पर सवाल, सड़क चौड़ीकरण में व्यापारी बेघर; प्रस्ताव लटका
Chikalthana Road: चिकलथाना सड़क चौड़ीकरण से प्रभावितों के पुनर्वास के लिए मनपा का कमर्शियल कॉम्प्लेक्स प्रस्ताव अब भी लंबित है। बावनकुले के आदेश के बावजूद कलेक्टर कार्यालय ने प्रस्ताव नहीं भेजा।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Municipal Corporation Hindi News: छत्रपति संभाजीनगर चिकलधाना क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित संपत्ति धारकों के पुनर्वास के लिए मनपा की ओर से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने का निर्णय लिया गया था।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने डेढ़ महीने पहले ही तत्काल प्रस्ताव भेजने के स्पष्ट आदेश देने के बावजूद जिलाधिकारी कार्यालय ने अब तक प्रस्ताव ही आगे नहीं भेजने से पुनर्वास का मुद्दा एक बार फिर अधर में है।
परियोजना के लिए जरूरी सरकारी भूमि अब तक उपलब्ध नहीं होने से यह स्थिति बनी हुई है। शहर की प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने के लिए मनपा ने गत वर्ष जून व जुलाई में विशेष अभियान चलाया था।
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इस दौरान चिकलथाना के कई संपत्ति धारकों ने सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए सड़क बाधित संपत्तियां तोड़ी थीं। यही नहीं, इस कार्रवाई के बाद कई छोटे व्यापारी बेरोजगार हो गए।
इसे देखते हुए प्रशासक जी. श्रीकांत ने चिकलथाना की सरकारी भूमि पर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण कर प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास का निर्णय लिया। इसके तहत गट नंबर 737 की 1।57 हेक्टेयर गायरान भूमि उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी के पास प्रस्ताव पेश किया गया था। इसके साथ ही मनपा ने निर्माण की निविदा प्रक्रिया भी पूरी की थी।
33 करोड़ रुपए को लेकर गतिरोध
समझा जाता है कि संबंधित भूमि की अनुमानित कीमत करीब 33 करोड़ रुपए होने के चलते इतनी अधिक मूल्य की भूमि देने का अधिकार जिलाधिकारी कार्यालय के पास नहीं होने का कारण बताते हुए प्रशासन ने निर्णय को आगे बढ़ाने में टालमटोल की। नतीजतन, यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।
बावनकुले ने अधिकरियों को लगाई थी फटकार
मामले में विधायक अनुराधा चक्काण के हस्तक्षेप के बाद दिसंबर महीने में राजस्व मंत्री बावनकुले ने ऑनलाइन बैठक में संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने सार्वजनिक हित की परियोजना का प्रस्ताव इतने लंबे समय तक लंबित रखने पर सवाल उठाते हुए तत्काल प्रस्ताव पेश करने के आदेश दिए थे।
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बावजूद इसके, डेढ़ महीने बीतने के बाद भी जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से राजस्व विभाग को प्रस्ताव नहीं भेजे जाने की खबर है। इसके चलते सड़क चौड़ीकरण के लिए सहयोग करने वाले व्यापारियों में बेहद नाराजगी देखी जा रही है।
