
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Ophthalmology Conference: छत्रपति संभाजीनगर विख्यात नेत्र रोग विशेषज्ञ व सांसद पद्मश्री डॉ. शिवाजी कालगे ने कहा कि मराठवाड़ा के जरूरतमंद मरीजों को गुणवत्तापूर्ण नेत्रचिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञों को निरंतर अद्यतन ज्ञान व आधुनिक कौशल अपनाना बेहद जरूरी है।
इसके लिए मराठवाड़ा में नेत्र रोग विशेषज्ञों की परिषद नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए, मराठवाड़ा नेत्र रोग विशेषज्ञ संगठन की दो दिवसीय वार्षिक परिषद (मारोपकॉन 2026) का आयोजन लातूर के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ व सांसद डॉ. कालगे ने किया, तब वे उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे।
24 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. तात्याराव लहाने, अखिल भारतीय नेत्र रोग विशेषज्ञ संघ के दिल्ली स्थित पदाधिकारी डॉ. नम्रता शर्मा, महाराष्ट्र नेत्र रोग विशेषज्ञ संघ की अध्यक्ष डॉ. अनघा हेरूर, सचिव डॉ.प्रीति कामदार प्रमुखता से उपस्थित थी।
डॉ. कालगे ने कहा कि वर्तमान समय में चिकित्सा क्षेत्र का स्तर गिरता जा रहा है, पर सरकार के इस ओर ध्यान देने के बजाए सिर्फ निःशुल्क योजनाओं का प्रलोभन दे रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
परिषद को शुभकामनाएं देते हुए पद्मश्री डॉ. तात्याराव लहाने ने कहा कि मराठवाड़ा के नेत्र रोग विशेषज्ञ न केवल महाराष्ट्र, बल्कि देश स्तर पर भी अपने क्षेत्र में नेतृत्व कर रहे हैं।
परिषद के दौरान सुबह से ही विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों की शुरुआत हुई। दो दिवसीय इस परिषद में मोतियाविद, ग्लुकोमा, रेटिना, कॉर्निया, बाल नेत्र रोग, रिक्रिक्टिव सर्जरी, न्यूरो-ऑपल्मोलॉजी व प्रैक्टिस मैनेजमेंट जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया। इसके अलावा शोच प्रस्तुतियां, केस प्रेजेंटेशन व शल्य चिकित्सा से संबंधित वीडियो सत्रों का भी आयोजन किया गया।
यही नहीं, वे मुंबई के डॉक्टरों से किसी भी प्रकार कम नहीं है। समारोह में डॉ. प्रदीप देशपांडे (छत्रपति संभाजीनगर), डॉ. सुभाष वैजवाहे (परभणी), डॉ. सुधाकर सुभेदार (नांदेड), डॉ. सत्यनारायण लीया (सेलू) व डॉ. विश्वास सातवलकर (उदगीर) को जीवनगौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया, यही नहीं, शोध पत्र द पोस्टर प्रदर्शनी के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।
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परिषद में करीब 300 नेत्र रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। संगठन के अध्यक्ष डॉ. अजय सांबरे ने प्रस्तावना में परिषद की भूमिका स्पष्ट की। सचिव डॉ. अजय लोहिया ने आभार माना।
परिषद सफल बनाने के लिए औरंगाबाद नेत्र रोग विशेषज्ञ संघ के डॉ. हेमत अनासपुरे, डॉ. मनोज सासवडे, डॉ.अनिरुद्ध नलगिरकर, डॉ. राजीव मूंदडा, डॉ. प्रदीप उहाले व डॉ. अजय तम्मेवार संग अन्य सदस्यों ने परिश्रम किए






