
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया AI)
Narendra Modi Student Interaction: छत्रपति संभाजीनगर माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अश्विनी लाठकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को जिलेभर से अच्छा खासा प्रतिसाद मिला है। जिले की 1,071 शालाओं के 2 लाख 16 हजार 185 विद्यार्थियों तथा 6 हजार 337 शिक्षकों ने इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभाग दर्ज किया।
दसवीं और बारहवीं परीक्षाओं की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षार्थी विद्यार्थियों से संवाद साधा। इसका सीधा प्रसारण जिले की विभिन्न शालाओं में किया गया था। इस कार्यक्रम में छत्रपति संभाजीनगर, गंगापुर, कन्नड, खुलताबाद, पैठण, फुलंब्री, सिल्लोड, सोयगांव और वैजापुर जिले के सभी तालुकों की सहभागिता रही।
जिले की 1,071 माध्यमिक शालाओं से 2,16,185 विद्यार्थी, 6,367 शिक्षक और 2,745 अभिभावकों ने एक साथ भाग लिया। सरस्वती भुवन प्रशाला में आयोजित कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अश्विनी लाठकर उपस्थित रहीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा के तनाव को कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने, अध्ययन में निरंतरता, समय का सही नियोजन तथा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण जैसे विषयों पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के बाद शिक्षा अधिकारी लाठकर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि परीक्षा को भय के रूप में नहीं, बल्कि स्वयं को सिद्ध करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए।
बारहवीं की परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू हो रही है। इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर प्रदेश के समय परीक्षार्थियों की जांच टोकन पद्धति से करने का निर्णय माध्यमिक शिक्षा विभाग ने लिया है।
शिक्षा अधिकारी अश्विनी लाठकर ने बताया कि जिन शिक्षकों व कर्मचारियों द्वारा जांच की जाएगी, यदि बाद में उसी विद्यार्थी के पास कक्षा में नकल सामग्री पाई जाती है तो संबंधित जांचकर्ता शिक्षक व कर्मचारी जिम्मेदार माने जाएंगे।
दसवी और बारहवीं की परीक्षाएं नकलमुक्त वातावरण में कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के साथ जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। हाल ही में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दक्षता समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें अनुचित घटना रोकने के लिए विभिन्न उपायों पर निर्णय लिया गया।
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1 से 50, 51 से 100 जैसे समूहों के अनुसार टोकन देकर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, यदि केंद्र पर नकल पाई जाती है तो जांचकर्ता शिक्षक, कर्मचारी, पर्यवेक्षक, केंद्र संचालक तथा बैठी उड़नदस्ते के विरुद्ध 1982 के कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी, ऐसा भी शिक्षा अधिकारी लातकर ने स्पष्ट किया।






