जेल से डिजिटल ऑपरेशन? लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बढ़ते नेटवर्क ने सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ाई चिंता

Lawrence Bishnoi Gang के बढ़ते प्रभाव, कथित डिजिटल ऑपरेशन और सेलिब्रिटीज को मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।जेल से गैंग संचालन और सिस्टम की कमजोरियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Lawrence Bishnoi
लॉरेंस बिश्नोई (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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Lawrence Bishnoi Terror In Mumbai: मायानगरी मुंबई सहित पूरे देश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कद तेजी से बढ़ रहा है। गुजरात की साबरमती जेल में बंद बिश्नोई कथित तौर पर अपनी गैंग को ऑपरेट कर रहा है?

पुलिस सूत्रों की मानें तो इसमें ड्रग्स तस्करी, एक्सटॉर्शन और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग शामिल हैं। बिश्नोई के बढ़ते प्रभाव के पीछे कोई राजनीतिक ताकत है या सिस्टम का फेलियर, जिसकी वजह से जेल गैंगस्टरों की हेडक्वार्टर बनती जा रही है?।

गैंगस्टर बन रहे हैं डिजिटल

हाल के महीनों में रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग और सलमान खान को मिल रही धमकियां गैंग की सक्रियता दिखाती हैं। गैंग के सदस्य वीओआईपी कॉल्स, नए युवा शूटर्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए ऑपरेशन चला रहे हैं। जिससे पुलिस के लिए ट्रेस करना मुश्किल हो गया है। यह 90 के दशक के अबू सलेम या छोटा शकील जैसे डॉन से अलग है। क्योंकि यह गैंग डिजिटल तरीके से काम करता है, फिजिकल तरीके से नहीं। सवाल उठता है कि जेल से इतना कंट्रोल कैसे? गुजरात पुलिस पर सवाल हैं, क्योंकि जेल में मोबाइल और कम्युनिकेशन जारी है। कुछ रिपोर्ट्स राजनीतिक संरक्षण का जिक्र करती हैं, लेकिन ठोस सबूत नहीं है। बिश्नोई गैंग न सिर्फ अपराध का, बल्कि राजनीतिक आपराधिक नेक्सस का प्रतीक बन चुका है।

बॉलीवुड पर बढ़ा है दबाव

2024-2026 में सलमान खान के घर पर फायरिंग, रोहित शेट्टी के घर पर हमला, और कथित तौर पर कई सेलिब्रिटीज को एक्सटॉर्शन कॉल्स आए है। शुभम लोकर जैसे सहयोगी सक्रिय हैं, जो 90 के दशक के अबू सलेम-छोटा शकील की तरह रंगदारी वसूलने की कोशिश कर रहे है। हालिया घटनाओं में रोहित शेट्टी के घर फायरिंग और अन्य धमकियां बॉलीवुड में दहशत फैला रही है।

सिद्दीकी हत्या की बिश्नोई गैंग ने ली थी जिम्मेदारी

2024 में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या में बिश्नोई गैंग ने जिम्मेदारी ली थी। सोशल मीडिया पोस्ट से दावा किया गया कि यह सलमान खान से जुड़े विवाद का बदला था। उसमें तुर्की की टीसास (जिगाना) पिस्टल का इस्तेमाल होने की खबर है।

इसी तरह, 2023 में उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की हत्या में तुर्की की टीसास (जिगाना) पिस्टल का इस्तेमाल हुआ, जो महंगी और में भारत प्रतिबंधित है। दोनों वारदातों में गिरफ्तार आरोपियों की आर्थिक हालत ऐसी नहीं थी कि, वे ऐसे हथियार खरीद सकें, जिससे साजिश की आशंका बढ़ती है। हालांकि, अतीक हत्याकांड में बिश्नोई गैंग का सीधा लिंक नहीं मिला, बल्कि किलर्स बिश्नोई से प्रेरित बताए गए हैं।

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