टिकट बंटवारे पर कांग्रेस में बवाल! संभाजीनगर में सांसद कल्याण काले के कार्यालय में तोड़फोड़, मचा हंगामा

Congress dispute: छत्रपति संभाजीनगर में कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई। टिकट वितरण से नाराज कार्यकर्ताओं ने सांसद कल्याण काले के कार्यालय में तोड़फोड़ की।
Chhatrapati SambhajiNagar Congress dispute Member of Parliament Kalyan Kale Office Vandalized
छत्रपति संभाजीनगर में कांग्रेस सांसद कल्याण काले के दफ्तर के बाहर हंगामा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Kalyan Kale Office Vandalized: महाराष्ट्र में इन दिनों चुनावी माहौल है। पहले नगर परिषद, नगर पंचायत चुनाव हुए उसके बाद महानगरपालिका चुनाव। अब जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव होने हैं। इसी बीच छत्रपति संभाजीनगर में कांग्रेस पार्टी की आंतरिक कलह सार्वजनिक रूप से उभर आई है। जहां पार्टी के नाराज कार्यकर्ताओं ने सांसद कल्याण काले के कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की।

नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी ने सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव के टिकट वितरण प्रक्रिया में अनदेखा किया, जिससे उनका गुस्सा भड़क उठा। पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर चल रहे विवाद ने फुलंब्री विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय नेताओं और समर्थकों में भारी असंतोष उत्पन्न कर दिया।

जिला पंचायत चुनाव में टिकट को लेकर बवाल

आरोप है कि टिकट वितरण में हो रही अनियमितताओं के चलते निष्ठावान कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दूसरे प्रत्याशियों को प्राथमिकता गई। इस नाराजगी के चलते कई समर्थनकर्ताओं ने पार्टी के सांसद कल्याण काले के जनसंपर्क कार्यालय में प्रवेश कर फर्नीचर और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। घटना के दौरान सांसद के भाई जगन्नाथ काले और स्थानीय तहसील अध्यक्ष संतोष मेटे को कार्यकर्ताओं ने काफी देर तक घेराबंदी में रखा, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

आंतरिक एकता पर उठने लगे सवाल

कार्यकर्ताओं ने हंगामा करते हुए पार्टी की उच्च नेतृत्व पर भी कड़ी निंदा की और राजनीतिक असंतोष का स्पष्ट संकेत दिया। यह विवाद कांग्रेस के लिए आगामी चुनावों में एक बड़ा चुनौतीपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि पार्टी की आंतरिक एकता पर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर दबाव बढ़ गया है कि वे इस विवाद को जल्द से जल्द शांत करें व कार्यकर्ताओं के विश्वास को बहाल करें, नहीं तो इसका असर जिला परिषद व पंचायत समिती चुनाव के रणनीति पर भी पड़ सकता है।

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