

Atul Bhatkhalkar vs Vijay Wadettiwar: महाराष्ट्र की राजनीति में जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार के एक बयान पर भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने पलटवार करते हुए विवादित प्रतिक्रिया दी है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब देश और राज्य की आर्थिक स्थिति तथा अंतरराष्ट्रीय संकटों को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।
मुंबई में मीडिया से बात करते हुए अतुल भातखलकर ने वडेट्टीवार पर निशाना साधते हुए उन्हें कांग्रेस नेतृत्व का "गुलाम" करार दिया और देश की अर्थव्यवस्था पर उनके दावों को खारिज कर दिया।
भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने वडेट्टीवार के आरोपों का जवाब देते हुए कहा:
"जो लोग सोनिया गांधी के प्रति निष्ठावान हैं और उनके गुलाम बनकर काम कर रहे हैं, उन्हें दूसरों के गुलाम होने की बात नहीं करनी चाहिए। उन्हें तकलीफ इस बात से है कि रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।"
भातखलकर ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जबकि वैश्विक स्तर पर कई विकसित देश मंदी और महंगाई की मार झेल रहे हैं। उन्होंने वडेट्टीवार के बयानों को केवल 'राजनीति से प्रेरित' और जनता को गुमराह करने वाला बताया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब विजय वडेट्टीवार ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि सरकार केवल बड़े उद्योगपतियों के इशारों पर काम कर रही है और आम जनता महंगाई से त्रस्त है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि भाजपा के नेता अपने आलाकमान के सामने समर्पण कर चुके हैं। इसी "गुलामी" वाले शब्द के इस्तेमाल पर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
मार्च 2026 में चल रहे वैश्विक घटनाक्रमों, विशेषकर ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच, भाजपा इस बात पर जोर दे रही है कि भारत का राजकोषीय प्रबंधन मजबूत है। भातखलकर का बयान इसी नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बाद भी सरकार स्थिति को संभालने में सक्षम है, जबकि विपक्ष केवल आलोचना करने में व्यस्त है।