कांग्रेस सांसद कल्याण काले ने जैन समाज से मांगी माफी! गौहत्या को लेकर दिया था विवादित बयान

Jalna News: जालना के तपोधाम में सांसद डॉ. कल्याण काले के कथित गौहत्या समर्थन बयान से जैन समाज आक्रोशित, माफी की मांग। काले ने कहा कि भावनाएं आहत हुई हों तो खेद है। मेरा बयान तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।
Congress MP Kalyan Kale
कांग्रेस सांसद कल्याण काले (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Congress MP Kalyan Kale Statement Controversy: जालना शहर के जैन समाज के श्रद्धास्थान पावन तपोधाम में आयोजित स्नेह मिलन समारोह में सांसद डॉ. कल्याण काले के गौहत्या के समर्थन में दिए कथित बयान से जैन समाज में तीव्र आक्रोश फैल गया है।

समाज ने कहा कि सांसद का महान संत श्री गुरु गणेशलालजी महाराज के समाधि स्थल पर यह बयान अनुचित है। इस वक्तव्य से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

जैन समाज ने की माफी मांगने की मांग

आक्रोशित जैन समाज ने जिलाधिकारी आशिमा मित्तल को ज्ञापन सौंपकर तत्काल माफी मांगने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि पावन तपोधाम न केवल जालना नहीं, बल्कि देश-विदेश के जैन भक्तों की आस्था का केंद्र है।

यहां प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इस पवित्र स्थल पर गौहत्या के समर्थन में दिया गया बयान जैन धर्म की विचारधारा व अहिंसा के सिद्धांतों के विपरीत है। सांसद को जनप्रतिनिधि होने के नाते ऐसे बयान से बचना चाहिए था।

ज्ञापन पर चेतन बोथरा, रविंद्र संचेती, सतीश बोथरा, दर्पण सकलेचा, राजू जैन, सागर सुराणा, नीरज ओस्तवाल, श्रीपाल मरलेचा, अरिहंत जैन, केतन रुणवाल व ओम धोका संग कई प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं।

कांग्रेस सांसद काले व्यक्त किया खेद

बढ़ते विवाद पर कांग्रेस सांसद डॉ. काले ने कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हों, तो वे खेद व्यक्त करते हैं। भाषण से किसी समाज, जाति या वर्ग की भावना को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। कुछ लोग शहर में जातीय तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

सांसद ने यह भी कहा कि उनके वक्तव्य को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की। शांति, एकता व सामाजिक सौहार्द बनाए रखना ही उनकी प्राथमिकता है। इस प्रकरण के चलते शहर में कुछ समय के लिए धार्मिक असंतोष का माहौल बना।

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